उत्तरप्रदेश

वैश्विक इंडस्ट्री 4.0 के लिए मैटेरियल इन्नोवेशन्स एक वरदान

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से रिसेंट ट्रेंड्स ऑन इन्नोवेशन इन मैटेरियल्स एंड प्रोसेसिंग टेक्निक्स- आरटीआईएमपीटी- 2025 पर दो दिनी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस, देश- दुनिया के जाने-माने मैटेरियल एक्सपर्ट्स ने की शिरकत, सिंगापुर, ओमान, चीन, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया आदि देशों से करीब एक दर्जन से अधिक रिसर्चर्स की वर्चुअली रही मौजूदगी, दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी के रिसर्च स्कॉलर अंकित सक्सेना की झोली में बेस्ट रिसर्च पेपर का अवार्ड

ख़ास बातें
कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुत किए गए 55 रिसर्च पेपर्स और बारह पोस्टर्स
मेहमानों ने किया कॉन्फ्रेंस प्रोसिडिंग- आईसीएमसी का विमोचन
एक्सपर्ट्स ने ईको फ्रेंडली मैटेरियल्स पर की गहनता से चर्चा
टीएमयू के रिसर्च स्कॉर्ल्स की झोली में तीन रिसर्च पेपर्स अवार्ड
मैटेरियल एक्सपर्ट्स बोले, एआई और मशीन लर्निंग से नई क्रांति

नैनो ग्लास मैटेरियल जमीन से आसमां तक सूरत और सीरत बदलने की क्षमता रखता है। यह कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी, इंडस्ट्री 4.0 से लेकर एयरस्पेस तक के लिए यह तकनीक वरदान साबित होगी। यह मैटेरियल गुणों की खान है। इसमें तापमान में स्थिरता, यांत्रिक मजबूती, इलेक्ट्रिक इंसुलेशन सरीखी क्वालिटी हैं। यह मानना है, चीन के जियांगसी इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के मैटेरियल्स एक्सपर्ट प्रो. चाओमिन वांग का। प्रो. वांग तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग- सीओई के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से रिसेंट ट्रेंड्स ऑन इन्नोवेशन इन मैटेरियल्स एंड प्रोसेसिंग टेक्निक्स- आरटीआईएमपीटी- 2025 पर आयोजित दो दिनी फर्स्ट इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे। प्रोसेसिंग एंड करेक्टराइजेशन ऑफ नैनो ग्लास यूजिंग इनर्ट गैस कंडेंसेशन पर अपने आधे घंटे के वर्चुअली व्याख्यान में चीन के एक्सपर्ट प्रो. वांग से रिसर्चर्स ने सवाल भी किए। इससे पूर्व मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके कॉन्फ्रेंस का शुभारम्भ हुआ। इस अवसर पर टीएमयू के वीसी प्रो. वीके जैन, आईआईटी बीएचयू के मशीन-टूल्स डिजाइन के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के एचओडी डॉ. जॉय प्रकाश मिश्रा बतौर मुख्य अतिथि, राम मनोहर लोहिया यूनिवर्सिटी, अयोध्या के डॉ. दिनेश कुमार राव बतौर विशिष्ट अतिथि, आईआईटी रोपड़, पंजाब के डॉ. हेमंत नौटियाल, शिव नादर यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा के डॉ. अकित गुप्ता, एमएनआईटी, प्रयागराज के डॉ. बृज किशोर के संग-संग डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन, एफओई के डीन एवम् कॉन्फ्रेंस जनरल चेयर प्रो. आरके द्विवेदी आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों का बुके देकर स्वागत, जबकि अंत में स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया।

इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में सिंगापुर, ओमान, चीन, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया आदि देशों से करीब एक दर्जन से अधिक रिसर्चर्स की वर्चुअली उल्लेखनीय मौजूदगी रही। कॉन्फ्रेंस में 55 रिसर्च पेपर्स और 12 पोस्टर्स प्रस्तुत किए गए। दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी के रिसर्च स्कॉलर अंकित सक्सेना को बेस्ट रिसर्च पेपर अवार्ड से सम्मानित किया गया। साथ ही टीएमयू की हर्षिता चावला पोस्टर प्रजेंटेशन, जबकि पुष्पांजलि सिंह और पंकज कुमार ओरल रिसर्च पेपर प्रजेंटेशन में अव्वल रहे। सभी स्वीकृत रिसर्च पेपर्स स्कोपस इंडेक्सड जर्नल- मैटेरियल प्रोटेक्शन में प्रकाशित किए जाएंगे। सभी अतिथियों ने कॉन्फ्रेंस प्रोसिडिंग- आईसीएमसी-2025 का विमोचन भी किया। संचालन डॉ. इंदु त्रिपाठी ने किया। इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में एक्सपर्ट्स ने मैटेरियल इन्नोवेशन इन स्टील इंडस्ट्री, ट्राइबोलॉजिकल बिहेवियर ऑफ मैटेरियल, एनर्जी कंजर्वेशन थ्रू सस्टेनेबल मैटेरियल्स, फॉर्जेबिलिटी ऑफ स्टील मैटेरियल पर अपने-अपने व्याख्यान दिए। एक्सपर्ट्स ने इंडस्ट्री 4.0 के संग-संग मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, एडवांस ऑटोमेशन पर विस्तार से चर्चा की । मैटेरियल एक्सपर्ट्स बोले, एआई और मशीन लर्निंग के संगम से मैटेरियल इन्नोवेशन तकनीक और ऑटोमेशन की दुनिया में नई क्रांति संभव है। इसके अलावा एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग और नैनो टेक्नोलॉजी को अधिक दक्षता प्रदान करने वाले ईको फ्रेंडली मैटेरियल्स के बारे में भी गहनता से समझाया गया। इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में एसोसिएट डीन आरएंडी प्रो. अनुराग वर्मा, कॉन्फ्रेंस कन्वीनर डॉ. रोहित कुमार गौतम, एचओडी डॉ. हिमांश कुमार, को-कन्वीनर श्री अरुण गुप्ता, सेक्रेट्ररी डॉ. संकल्प गोयल, श्री केबी आनन्द, श्री भगवान, श्री एसबी रस्तोगी आदि मौजूद रहे।

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