
हल्द्वानी:
मौसम में बदलाव के साथ ही शहर के अस्पतालों में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) के मेडिसिन विभाग में स्थिति चिंताजनक होती जा रही है, जहां आईसीयू लगभग फुल हो चुका है। यहां हृदय, श्वास और लीवर से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या सबसे अधिक है।
अस्पताल में रोजाना 2200 से 2500 मरीजों की ओपीडी हो रही है। गंभीर रोगियों की बढ़ती संख्या के चलते 120 बेड वाले मेडिसिन विभाग पर सबसे अधिक दबाव है। 11 बेड का मेडिसिन आईसीयू इस समय लगभग पूरी तरह भर चुका है। वहीं, मेडिसिन विभाग की ओपीडी अकेले 300 के करीब पहुंच रही है, जिसमें निमोनिया के मरीज भी शामिल हैं।
अस्पताल में पहले से ही 40 से 60 प्रतिशत डॉक्टरों की कमी बनी हुई है, जिससे व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। इसके अलावा न्यूरो सर्जरी, नेत्र रोग, बाल रोग और ईएनटी विभागों में भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
विभागवार ओपीडी और भर्ती का हाल
मेडिसिन ओपीडी में प्रतिदिन हृदय रोग के करीब 25 मरीज आ रहे हैं, जिनमें से 10 को भर्ती करना पड़ रहा है। श्वास रोग के 50 मरीजों में से 15 भर्ती हो रहे हैं, जबकि लीवर संबंधी 25 मरीजों में से 18 को अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है।
अन्य विभागों में भी मरीजों की संख्या बढ़ी है—त्वचा रोग में 160, ऑर्थोपेडिक्स में 140, बाल रोग में 145, ईएनटी में 200, सामान्य सर्जरी में 200 और स्त्री रोग विभाग में 120 से 130 मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं।
15 दिनों से बढ़ रहा दबाव
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पिछले 15 दिनों से लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है, जिससे मेडिसिन विभाग पर खासा दबाव है।
चिकित्साधीक्षक डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण मरीजों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि यदि मरीजों की संख्या और बढ़ती है तो अतिरिक्त बेड की व्यवस्था भी की जाएगी।



