विश्व पृथ्वी दिवस और नमक सत्याग्रह आंदोलन की 96वीं वर्षगांठ के अवसर पर देहरादून में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। इस दौरान ऐतिहासिक खाराखेत नमक सत्याग्रह स्थल पर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और वृक्षारोपण अभियान चलाया गया।
कार्यक्रम का आयोजन उत्तराखण्ड मैती आंदोलन, संयुक्त नागरिक संगठन, पहाड़ी पैडलर्स, जागरूक नागरिक सेवा मंच, महावीर सेवा समिति, सनातन धर्म मंदिर समिति, सीनियर सिटीजन सोसाइटी, सिटीजन फॉर ग्रीन एंड क्लीन एंबिएंस और वन विभाग झाझरा रेंज के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
संगठनों के प्रतिनिधियों ने देहरादून से नून नदी के तट स्थित खाराखेत स्मारक तक पर्यावरण बचाओ रैली निकाली। यहां नमक सत्याग्रह 1930 के शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ वृक्षारोपण किया गया। इसके बाद खाराखेत से जल से भरा कलश लाकर गांधी पार्क में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर अर्पित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर्नल (सेवानिवृत्त) बीएम थापा ने की, जबकि संचालन सुशील कुमार त्यागी ने किया। इस अवसर पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में वक्ताओं ने जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण, प्लास्टिक कचरे के खतरे और अंधाधुंध शहरीकरण पर गहरी चिंता व्यक्त की।
वक्ताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती गर्मी, पेड़ों की कटाई और बहुमंजिला इमारतों के विस्तार से पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है। साथ ही एसी जैसे उपकरणों पर बढ़ती निर्भरता भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो रही है। उन्होंने जीवनशैली को इको-फ्रेंडली बनाने और जन-जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
सरकार से मांग की गई कि शहरों और आवासीय क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाकर सार्वजनिक पार्क, फुटपाथ और नदियों व नालों के किनारे बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया जाए, ताकि लोगों को स्वच्छ हवा और बेहतर पर्यावरण मिल सके।
इस मौके पर पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, अर्जुन कोहली, मोहन सिंह खत्री, डॉ. स्वामी एस. चंद्रा, गजेन्द्र सिंह रमोला, रेहान सिद्दीकी, नरेश चंद्र कुलाश्री समेत कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए मिलकर प्रयास करने का संकल्प लिया।



