शिक्षा विभाग में फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने के आरोप में एक सहायक अध्यापिका के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई उप शिक्षा अधिकारी, डोईवाला की शिकायत पर की गई है।
प्रभारी निरीक्षक कमल कुमार लुंठी ने बताया कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय जौलीग्रांट प्रथम में तैनात सहायक अध्यापिका सीमा देवी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। विभागीय जांच में उनका जाति प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया, जिसके बाद उनकी नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के आदेश जारी किए गए।
बताया गया कि सीमा देवी की नियुक्ति वर्ष 2013 में उप शिक्षा अधिकारी, विकासखंड प्रतापनगर (टिहरी गढ़वाल) द्वारा की गई थी। फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर सरकारी नौकरी प्राप्त करने के इस मामले में विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए न सिर्फ नियुक्ति समाप्त की, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा
शिक्षा विभाग को प्रारंभिक स्तर पर ही सहायक अध्यापिका के जाति प्रमाणपत्र पर संदेह हुआ था। इसके बाद आंतरिक जांच शुरू की गई, जिसमें प्रमाणपत्र की सत्यता संदिग्ध पाई गई। गहन जांच के बाद यह पुष्टि हो गई कि दस्तावेज फर्जी है।
इस खुलासे के बाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कराया। पुलिस अब पूरे प्रकरण की जांच में जुटी है और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।



