Ad image

एम्स ऋषिकेश में तीन दिवसीय हिंदी कार्यशाला संपन्न, राजकीय कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर जोर

Ramesh Kuriyal
2 Min Read

ऋषिकेश। राजभाषा हिंदी के उत्तरोत्तर विकास और उसके प्रगतिशील प्रयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एम्स ऋषिकेश में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए तीन दिवसीय हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। समापन अवसर पर वक्ताओं ने राजकीय एवं प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया।

संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि हिंदी सबसे सरल और आम बोलचाल की भाषा है, इसलिए प्रशासनिक कार्यों में इसे दैनिक स्तर पर अपनाने की जरूरत है। उन्होंने प्रतिभागियों को हिंदी के अधिकाधिक उपयोग के लिए प्रेरित किया।

उप-निदेशक (प्रशासन) लेफ्टिनेंट कर्नल गोपाल मेहरा ने हिंदी को देश की प्रमुख और प्राचीन भाषा बताते हुए राजभाषा अधिनियम एवं नियमों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।

प्रभारी अधिकारी (राजभाषा) एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डॉ. मुकेश पाल ने बताया कि संस्थान के सभी विभागों में हिंदी के प्रयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है और प्रशासनिक कार्य हिंदी में करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अवसर पर हिंदी पुस्तकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।

कार्यक्रम में उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रवि कुमार, वरिष्ठ लाइब्रेरियन एवं सूचना अधिकारी डॉ. संदीप कुमार सिंह, मुख्य नर्सिंग अधिकारी अनिता रानी कंसल, वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी शशि यादव, नीरज कुमार वर्मा, स्वाति कैंतुरा, राजशेखर सहित विभिन्न विभागों के बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

Share This Article
Leave a Comment