उत्तरकाशी। श्री काशी विश्वनाथ गुरुकुलम् के 50वें सत्र में रविवार को जनपद की पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय और भटवाड़ी की उपजिलाधिकारी शालिनी नेगी ने बाल सेवकों को प्रेरणादायी संबोधन दिया। दोनों अधिकारियों ने अनुशासन, लक्ष्य, संघर्ष, समाज सेवा और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम में बताया गया कि भूतभावन बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर की प्रेरणा से संचालित श्री काशी विश्वनाथ गुरुकुलम् का 50 सत्रों का सफर समाज निर्माण और संस्कार आधारित शिक्षा की दिशा में उल्लेखनीय रहा है। इस दौरान प्रशासन, साहित्य, पत्रकारिता, चिकित्सा, योग, पर्वतारोहण, सामाजिक सेवा, प्रबंधन तथा अन्य क्षेत्रों की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां गुरुकुलम् में पहुंचकर अपने अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा कर चुकी हैं।

उपजिलाधिकारी शालिनी नेगी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता के लिए अनुशासन, दृढ़ निश्चय और समाज सेवा का भाव सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी कभी भी सफलता में बाधा नहीं बनती, बल्कि निरंतर संघर्ष करने और अपनी सीमाओं से आगे बढ़ने का साहस ही व्यक्ति को अपने बड़े लक्ष्यों तक पहुंचाता है।
पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने अपने संबोधन में कहा कि जीवन में अनुशासन, सेवा भावना और स्पष्ट लक्ष्य सफलता की आधारशिला हैं। उन्होंने बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति विद्यार्थियों और आमजन को जागरूक रहने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। उन्होंने जिले में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में नागरिकों की सहभागिता पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में गुरुकुलम् के समन्वयक पारस कोटनाला सहित मोहन डबराल, गोपाल रावत, गणेश, वंश, अर्चना रतूड़ी, वंशिका, खुशी, सूर्यांश राणा, दिव्यांशी कुरियाल, साक्षी, सक्षम, सौरव, अर्पित, मंदीप, समीर, अंकित एवं बड़ी संख्या में बाल सेवक उपस्थित रहे।



