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बीकेटीसी फिर सवालों के घेरे में

Ramesh Kuriyal
2 Min Read

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की गणना के दौरान कथित हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि यह पहला अवसर नहीं है जब बीकेटीसी पर अनियमितताओं के आरोप लगे हों।

इससे पहले भी समिति पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे थे। मामले की जांच जिला पुलिस से लेकर पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) स्तर तक पहुंची थी, लेकिन अब तक न तो किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक हुई और न ही जांच का अंतिम निष्कर्ष सामने आया।

वर्ष 2023 में बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं से ऑनलाइन दान प्राप्त करने के लिए क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था लागू की गई थी। मंदिर परिसर में लगाए गए क्यूआर कोड के माध्यम से प्राप्त दान राशि किस खाते में जमा हुई और उसका उपयोग किस प्रकार किया गया, इसे लेकर भी सवाल उठे थे। हालांकि इस मामले में भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी।

इसके अलावा वर्ष 2020 में बीकेटीसी में कथित अवैध नियुक्तियों का मामला भी चर्चा में रहा था। विवाद बढ़ने पर तत्कालीन बीकेटीसी अध्यक्ष स्वर्गीय मोहन प्रसाद थपलियाल को संबंधित नियुक्तियां निरस्त करनी पड़ी थीं।

अब चढ़ावे की गणना में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद बीकेटीसी ने संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। समिति ने जांच पूरी होने तक सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं तथा आरोपी कर्मचारी को दान गणना और प्रोटोकॉल संबंधी दायित्वों से भी हटा दिया है। मामले की जांच जारी है और समिति की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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