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20 चोटियां पर्वतारोहण और ट्रेकिंग के लिए खुलेंगी

Ramesh Kuriyal
4 Min Read

देहरादून। उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में ईको फ्रेंडली ट्रेल विकसित करने की केंद्र सरकार की घोषणा के बाद प्रदेश में पर्वतारोहण और ट्रेकिंग को बढ़ावा देने के लिए इसी माह नई ट्रेकिंग नीति लागू करने की तैयारी है। साथ ही राज्य में 20 नई पर्वत चोटियों को पर्वतारोहण और ट्रेकिंग के लिए खोलने की कवायद भी चल रही है।

नई चोटियों को खोलने से पहले उनका पर्यावरणीय ऑडिट कराया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) को सौंपी गई है।

अभी 83 चोटियां पर्वतारोहण के लिए खुली

वर्तमान में प्रदेश में 83 पर्वत चोटियां पर्वतारोहण और ट्रेकिंग के लिए खुली हैं। केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में 41 नई चोटियों को खोलने की अनुमति दी थी, लेकिन बाद में यह मामला न्यायालय पहुंच गया। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नई चोटियों को खोलने से पहले उनके पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन कराने के निर्देश दिए थे। पीसीबी की ओर से इसका आकलन किया जा चुका है। अब न्यायालय के आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा केंद्र सरकार ने इसी वर्ष 20 और नई चोटियों को पर्वतारोहण और ट्रेकिंग के लिए खोलने की मंजूरी दी है।

पीसीबी कराएगा पर्यावरणीय ऑडिट

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने हाल में वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर नई चोटियों को खोलने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने पीसीबी को पर्यावरणीय ऑडिट जल्द पूरा कराने को कहा है।

पीसीबी के सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते के अनुसार पर्यावरणीय ऑडिट के लिए राज्य में स्थित वैज्ञानिक संस्थानों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। जल्द ही संस्था का चयन कर ऑडिट की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

इस माह के अंत तक आ सकती है नई ट्रेकिंग नीति

पर्वतारोहण और ट्रेकिंग को व्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाने के लिए सरकार नई ट्रेकिंग नीति ला रही है। वन विभाग नीति को अंतिम रूप देने में जुटा है। इसमें पर्वतारोहण और ट्रेकिंग की अनुमति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के साथ सुरक्षा मानकों, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदाय की भागीदारी पर विशेष जोर दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, नई नीति इसी माह के अंत तक लागू हो सकती है।

ये 20 चोटियां खोलने की तैयारी

सिप्टन, आरवा, नारायण पर्वत, कुंटी भनार, माउंट नीलगिरि, माउंट द्रुपद, लौंगस्टाफ, सुंदरढूंगा खाल, रालमधूरा पास, नंदा लपाक, द्रौपदी का डांडा, माउंट त्रिशूली, माउंट देवी मुकुट, माउंट कोटेश्वर, माउंट श्वेत वन, माउंट चंद्र पर्वत, माउंट कालिंदी समेत 20 चोटियों को पर्वतारोहण और ट्रेकिंग के लिए खोलने की तैयारी है।

स्थानीय स्तर पर बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

नई चोटियों के खुलने से पर्वतारोहियों और ट्रेकरों को नए विकल्प मिलेंगे। सीमावर्ती क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही होम स्टे, स्थानीय गाइड, पोर्टर और परिवहन के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

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