देहरादून।
इंद्रमणि बडोनी स्मृति मंच ने उत्तराखंड में छुआछूत की समस्या को लेकर व्यापक जनजागरण अभियान शुरू करने की घोषणा की है। मंच की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि इस संबंध में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उत्तराखंड के सभी सांसदों और विधायकों को पत्र भेजा गया है, ताकि इस सामाजिक मुद्दे पर ठोस पहल हो सके।
मंच के संयोजक रमेश उनियाल का कहना है कि उत्तराखंड राज्य गठन के लगभग 26 वर्ष बीत जाने के बावजूद छुआछूत जैसे गंभीर सामाजिक विषय को किसी भी मुख्यमंत्री, विधायक या सांसद ने प्रभावी ढंग से नहीं उठाया। उन्होंने इसे सामाजिक समरसता के लिए चिंता का विषय बताते हुए इस मुद्दे पर व्यापक जनचर्चा और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता बताई।
रमेश उनियाल ने बताया कि मंच की अपील प्रदेश के लगभग 16,800 गांवों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की गई है। उनका कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य समाज में समानता, सम्मान और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना है।
उन्होंने सभी वर्गों से आग्रह किया है कि वे छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने में अपनी भूमिका निभाएं और सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए आगे आएं।



