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यौन हिंसा पीड़िताओं के लिए एम्स ऋषिकेश में वन स्टॉप सेंटर शुरू

Ramesh Kuriyal
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ऋषिकेश। यौन हिंसा से पीड़ित महिलाओं और किशोरियों को तत्काल चिकित्सा उपचार, मेडिको-लीगल जांच और कानूनी सलाह उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंगलवार को एम्स ऋषिकेश में वन स्टॉप सेंटर की शुरुआत की गई। अस्पताल भवन की तीसरी मंजिल पर प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के सामने स्थापित इस केंद्र में पीड़िताओं को एक ही स्थान पर आवश्यक चिकित्सा और अन्य सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

वन स्टॉप सेंटर का उद्घाटन राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर राहटकर ने उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल और एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह की मौजूदगी में किया।

इस अवसर पर विजया किशोर राहटकर ने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा समेत अन्य अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए वन स्टॉप सेंटरों की स्थापना पर जोर दे रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एम्स में शुरू किया गया यह केंद्र यौन हिंसा की शिकार महिलाओं और किशोरियों को तत्काल चिकित्सा उपचार के साथ कानूनी मामलों में भी मदद उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि केंद्र में पीड़िताओं की गोपनीयता का पूरा ध्यान रखते हुए सुरक्षित, निजी और सम्मानजनक वातावरण में मेडिको-लीगल जांच और आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. जया चतुर्वेदी ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर मल्टी-डिसिप्लिनरी मॉडल पर काम करेगा। इसके तहत पीड़िताओं को जांच और उपचार के लिए अस्पताल के अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एकीकृत व्यवस्था के माध्यम से समय पर चिकित्सा देखभाल, मेडिको-लीगल दस्तावेजीकरण और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक प्रो. बी. सत्या श्री, डॉ. लतिका चावला, डॉ. राजलक्ष्मी मुंदरा, डॉ. कविता खोईवाल, डॉ. ओम कुमारी, डॉ. पूनम गिल, फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के डॉ. दिलीप वैष्णव, डॉ. आशीष भूते, डॉ. रवि प्रकाश, संस्थान के पीआरओ डॉ. श्रीलोय मोहंती और भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह तड़ियाल समेत कई लोग मौजूद रहे।

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