हरिद्वार। कांवड़ मेले के दौरान धर्मनगरी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, लेकिन गंगा जल लेकर लौटे कांवड़ यात्री शहर में करीब सात हजार मीट्रिक टन कूड़ा भी छोड़ गए। 12 दिन तक चले कांवड़ मेले के बाद अब शहर और जिले के विभिन्न क्षेत्रों में फैले कचरे को साफ करने के लिए प्रशासन ने सात दिवसीय विशेष सफाई अभियान शुरू किया है। कूड़े के उठान और निस्तारण में करीब एक सप्ताह का समय लगने का अनुमान है।
इस वर्ष कांवड़ मेले में 4.80 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने से कचरे की मात्रा में कई गुना बढ़ोतरी हुई। सामान्य दिनों में हरिद्वार में प्रतिदिन करीब 250 से 300 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है, जबकि कांवड़ मेले के दौरान यह आंकड़ा बढ़कर करीब सात हजार मीट्रिक टन तक पहुंच गया। अकेले डाक कांवड़ के दो दिनों में शहर में करीब 1700 मीट्रिक टन कूड़ा फैला।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेष अभियान शुरू
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के नेतृत्व में बुधवार से सात दिवसीय विशेष सफाई अभियान शुरू किया गया। पहले दिन नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों ने अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया। प्रशासन ने अभियान में आमजन के साथ स्वयंसेवी संगठनों, जनप्रतिनिधियों और व्यापार मंडलों से भी सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
विष्णु घाट पर चला गंगा स्वच्छता अभियान
अभियान के पहले दिन विष्णु घाट पर आईटीसी मिशन सुनहरा कल, श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम और नगर निगम हरिद्वार की ओर से संयुक्त रूप से गंगा स्वच्छता अभियान चलाया गया। जनभागीदारी के माध्यम से घाटों से कूड़ा-कचरा एकत्र किया गया। इसके साथ ही घाटों की धुलाई और सफाई भी की गई।
अभियान के दौरान श्रद्धालुओं, कांवड़ यात्रियों और दुकानदारों को प्लास्टिक और कचरा गंगा में न डालने के लिए जागरूक किया गया। लोगों से निर्धारित स्थान पर ही कूड़ा डालने की अपील की गई।
92 बैग कचरा एकत्र
विष्णु घाट पर चलाए गए अभियान में कुल 92 बैग कूड़ा एकत्र किया गया। एकत्र कचरे को वैज्ञानिक निस्तारण के लिए नगर निगम हरिद्वार को सौंप दिया गया।
वहीं, बाबा बंसी वाले अन्नपूर्णा आश्रम समिति की ओर से पंत दीप पूर्वी घाट पर भी सफाई अभियान चलाया गया। समिति की ओर से इस घाट पर नियमित रूप से सफाई कार्य किया जाता है।
मेले के बाद चुनौती बनी सफाई
कांवड़ मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से धर्मनगरी में जगह-जगह कचरा जमा हो गया है। प्रशासन के सामने अब इसे जल्द उठाने और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित करने की चुनौती है। सात दिवसीय विशेष अभियान के जरिए शहर के साथ जिले के अन्य क्षेत्रों में भी सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है।



