पुरोला/देहरादून। दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, कौशल विकास और करियर के अवसरों से जोड़ने के लिए दून विश्वविद्यालय के डॉ. आंबेडकर चेयर ने पुरोला में क्षमता निर्माण और मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए। बरफिया लाल जुवांठा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय और अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को व्यक्तित्व विकास, करियर काउंसलिंग, सॉफ्ट स्किल्स और आत्मविश्वास बढ़ाने के टिप्स दिए गए।
कार्यक्रम में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दिया गया। डॉ. आंबेडकर चेयर के प्रोफेसर हर्ष डोभाल ने डॉ. बीआर आंबेडकर के जीवन, विचारों और राष्ट्र निर्माण में योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में शामिल करीब 95 प्रतिशत विद्यार्थी एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों से थे।
उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, सार्वजनिक रूप से बोलने का अभ्यास और प्रभावी संवाद क्षमता विकसित करने का आह्वान किया। कहा कि आत्मविश्वास और स्पष्ट संवाद क्षमता उच्च शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने में मददगार साबित होगी।
दून विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन प्रो. आरपी ममगाईं ने पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय रोजगार और उद्यमिता की संभावनाओं पर जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से अपने क्षेत्र के संसाधनों और संभावनाओं को पहचानकर कौशल विकास के जरिए आजीविका के अवसर तैयार करने को कहा। उन्होंने इको-टूरिज्म, जैविक कृषि, गैर-काष्ठ वन उत्पादों के प्रसंस्करण और पारंपरिक हस्तशिल्प को रोजगार के संभावित क्षेत्र बताया।
मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश भट्ट ने विद्यार्थियों को परीक्षा तनाव से निपटने के उपाय बताए। उन्होंने व्यवस्थित अध्ययन, माइंडफुलनेस और सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि असफलता को सीखने का अवसर मानकर विद्यार्थियों को निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।
दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने दूरस्थ क्षेत्रों में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाने की सराहना की। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विशेषज्ञ मार्गदर्शन समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचना जरूरी है।
अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज में ‘उड़ान : वंचित युवाओं के लिए व्यक्तित्व विकास, सॉफ्ट स्किल्स एवं करियर पथ’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से करियर की तैयारी और व्यक्तित्व विकास के संबंध में जानकारी दी गई। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एके तिवारी सहित अन्य शिक्षकों ने भी कार्यक्रम को उपयोगी बताया।
डॉ. आंबेडकर चेयर की ओर से बताया गया कि हिमालयी क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक असमानताओं, क्षमता निर्माण, करियर मार्गदर्शन, शैक्षणिक परामर्श और सामाजिक न्याय से जुड़े कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे। इसका उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार के अवसरों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है।



