चंबा/मंज्यूड़ (टिहरी गढ़वाल)। ग्राम सभा मंज्यूड़ में रविवार को सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन और गांव को नशामुक्त बनाने को लेकर बैठक हुई। ग्राम प्रधान रानी नेगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में ग्रामीणों ने शादी-विवाह, मुंडन, जन्मदिन और अन्य सामाजिक आयोजनों में शराब के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने ‘शराब नहीं, संस्कार’ अभियान को गांव में प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
ग्राम प्रधान रानी नेगी ने बताया कि सामाजिक आयोजनों में शराब परोसने के साथ ही बाहरी लोगों के माध्यम से शराब उपलब्ध कराने पर भी रोक रहेगी। विवाह समारोहों में डीजे रात 12 बजे तक ही संचालित करने का निर्णय लिया गया।
अभियान के प्रणेता सुशील बहुगुणा ने ग्राम सभा के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए समाज को स्वयं आगे आना होगा। मंज्यूड़ का यह निर्णय अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणादायी है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य रवि रावत ने कहा कि नशे के खिलाफ सामूहिक सामाजिक संकल्प ही स्थायी बदलाव का आधार है। उन्होंने युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।
ग्राम समाज सुधार समिति गठित
बैठक में ग्राम समाज सुधार समिति का गठन भी किया गया। उज्ज्वला देवी को अध्यक्ष, दरमियान सिंह को उपाध्यक्ष, रीना नेगी को सचिव, गीता देवी को सहसचिव और बीना देवी कोषाध्यक्ष बनाया गया। सरस्वती देवी, मोनिका देवी, सरिता देवी, प्रियंका देवी और विजयपाल नेगी को सदस्य बनाया गया।
समिति की अध्यक्ष उज्ज्वला देवी ने कहा कि गांववासियों ने जिस विश्वास के साथ जिम्मेदारी सौंपी है, उस पर खरा उतरने का प्रयास किया जाएगा। समिति का उद्देश्य मंज्यूड़ को नशामुक्त और सामाजिक रूप से आदर्श गांव बनाना है।
बैठक के अंत में जगदीश बडोनी और लक्ष्मी बहुगुणा ने ग्रामीणों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई।



