अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के संघर्ष को चार वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। सीबीआई जाँच की घोषणा के बावजूद आज तक उस कथित वीआईपी का नाम सार्वजनिक नहीं हुआ है, जिसके संबंध में उत्तराखंड की जनता लगातार सवाल उठाती रही है।
पिछले चार वर्षों से पूरा उत्तराखंड अंकिता को न्याय दिलाने के साथ-साथ प्रदेश की बेटियों और महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की माँग कर रहा है। ऐसे में सवाल आज भी कायम हैं—अंकिता को न्याय कब मिलेगा? सीबीआई जाँच का क्या हुआ?
इन सवालों पर सरकार की चुप्पी और पूरी व्यवस्था की जवाबदेही पर उठते प्रश्न गंभीर चिंता का विषय हैं। अंकिता को न्याय दिलाने और उत्तराखंड की बेटियों के सम्मान एवं सुरक्षा के लिए समाज के हर वर्ग का एकजुट होना आज समय की माँग है।
इसी क्रम में 18 सितंबर को अंकिता भंडारी की चौथी पुण्यतिथि पर अल्मोड़ा के गांधी पार्क में शाम 6:00 बजे श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जा रहा है।
इस अवसर पर हम अल्मोड़ा के सभी सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं, छात्र-युवा संगठनों, महिला संगठनों, प्रबुद्ध नागरिकों, श्रमिकों, कर्मचारियों, व्यापारियों तथा आम जनता से सादर अपील करते हैं कि वे सभा में उपस्थित होकर अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि अर्पित करें और उन्हें न्याय दिलाने के संघर्ष को अपना समर्थन दें।
साथ ही, उत्तराखंड में विकास के नाम पर प्राकृतिक संसाधनों और पर्यटन को जिस तरह अनियंत्रित पूँजीवादी एवं विलासितापूर्ण गतिविधियों की ओर ले जाया जा रहा है, उसके विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद करें।
आपकी उपस्थिति इस संघर्ष को मजबूती प्रदान करेगी।



