तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय (टीएमयू), मुरादाबाद में दशलक्षण महापर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। उत्तम आर्जव धर्म के अवसर पर जिनालय एवं रिद्धि-सिद्धि भवन परिसर में पूजन-अर्चन, अभिषेक, शांतिधारा, आरती, तत्त्वार्थ सूत्र वाचन, पंचमेरु पूजा एवं दशलक्षण पूजा संपन्न हुई। धार्मिक प्रवचनों के माध्यम से मन, वचन और कर्म में सरलता, निष्कपटता एवं ईमानदारी का संदेश दिया गया। भगवान का अभिषेक चीफ हॉस्टल वार्डन, डॉ. विपिन जैन, आदित्य, अक्षत एवं डीन मैनेजमेंट प्रो. विपिन जैन द्वारा स्वर्ण कलश से इन्द्रों के रूप में किया गया। रजत झारी से शांतिधारा प्रिंस, हर्ष, नमन, हर्षुल, शुभ एवं अध्यतन जैन तथा स्वर्ण झारी से अक्षत, प्रिंस, जीवांश, विशेष, सौम्य, लक्ष्य एवं अगम जैन ने की। अंशी, अनन्या, सुबिधि, दीक्षा, पलक, प्रिन्सी, राखी एवं कीर्ति जैन ने अष्टकुमारी बनकर चंवर ढुलाए। तत्त्वार्थ सूत्र का वाचन कृति जैन ने किया। पंडित ऋषभ शास्त्री जी के मुखारविंद से विधि-विधानपूर्वक पूजा संपन्न हुई, जबकि लोकेश जैन एंड पार्टी के भक्तिमय भजनों ने वातावरण को भक्तिरस से भर दिया। पूजन के बाद भगवान महावीर, पंच परमेष्ठी एवं शांतिनाथ भगवान की आरती हुई।
ढोल-नगाड़ों के साथ रिद्धि-सिद्धि भवन पहुंची आरती
संध्या समय डेंटल कॉलेज के प्रिंसिपल एवं फैकल्टी सदस्यों द्वारा दिव्य घोष के साथ जिनालय से श्रीजी की आरती रिद्धि-सिद्धि भवन तक लाई गई। यहां भगवान महावीर, पंच परमेष्ठी एवं शांतिनाथ भगवान की आरती के बाद भक्ति संध्या आयोजित हुई। मेरी तो पतंग उड़ गई रे…, ये धर्म है आत्म ज्ञानी का…, जब मन न लगे कहीं टीएमयू चले आना…, रंगमा रंगमा रे… और भगति में होकर मगन नाचूं मैं आज छम-छम-छम जैसे भजनों पर विद्यार्थी एवं श्रद्धालु झूम उठे।
उत्तम मार्दव ने दिया अहंकार त्याग और विनम्रता का संदेश
उत्तम मार्दव दिवस पर पंडित ऋषभ शास्त्री ने प्रवचन में धन, पद, ज्ञान एवं उपलब्धियों के साथ अहंकार न करने और विनम्रता अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वास्तविक आत्मिक उन्नति ‘मैं’ और ‘मेरा’ के अहंकार से मुक्त होकर आत्मबोध एवं संयम की ओर बढ़ने में है। इसके बाद टीएमयू ऑडिटोरियम में डेंटल कॉलेज के विद्यार्थियों ने ‘झुके अभिमान, जागे आत्मज्ञान’ विषय पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी। सम्राट भरत और बाहुबली के प्रसंग के माध्यम से भौतिक विजय से आध्यात्मिक विजय तथा अहंकार से आत्मबोध की यात्रा को प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुति में बाहुबली द्वारा सांसारिक वैभव और राजपाट त्यागकर तप एवं साधना का मार्ग अपनाने का संदेश प्रभावी ढंग से दिखाया गया। कुलपति प्रो. वी. के. जैन की उपस्थिति में डेंटल कॉलेज, फिजिकल एजुकेशन कॉलेज, फाइन आर्ट कॉलेज एवं फैकल्टी ऑफ़ एजुकेशन कॉलेज के फाइनल ईयर विद्यार्थियों को फेयरवेल दी गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में टीएमयू के कुलाधिपति श्री सुरेश जैन, ग्रुप वाइस चेयरमैन श्री मनीष जैन एवं श्रीमती ऋचा जैन, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन एवं श्रीमती जाह्नवी जैन एवं सुश्री नंदनी जी सहित विश्वविद्यालय परिवार से प्रो. विपिन जैन, डॉ. विपिन जैन, प्रो. एस. के. जैन, श्री मनोज जैन, डॉ. विनोद कुमार जैन, डॉ. आदित्य जैन, डॉ. रवि जैन, डॉ. अक्षय जैन, श्री अंकित जैन, श्री वैभव जैन, डॉ. कल्पना जैन, डॉ. नीलिमा जैन, अहिंसा जैन, श्रीमती निकिता जैन, श्रीमती स्वाति जैन, श्रीमती आरजू जैन, डॉ. अर्चना जैन, श्रीमती आरती जैन, श्रीमती सुनिधि जैन एवं डॉ. चारुल जैन सहित बड़ी संख्या में फैकल्टी सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।



