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सुरक्षित बचपन अभियान : 30 न्यायिक अधिकारियों ने स्कूलों में पहुंचकर बच्चों को किया जागरूक

Sarthak Prayash Admin
4 Min Read

देहरादून। बच्चों को उनके अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा और कानूनी संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से सुरक्षित बचपन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के दिशा-निर्देशों पर 26 से 31 अक्टूबर तक संचालित इस अभियान के तहत मंगलवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। इनमें जिला न्यायाधीश सहित 30 न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, शोषण से बचाव और कानूनी सहायता की जानकारी दी।

जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष हरीश कुमार गोयल ने मसूरी स्थित विनबर्ग एलन स्कूल में आयोजित शिविर में करीब 500 विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन्होंने बच्चों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट), व्यक्तिगत सुरक्षा, असुरक्षित परिस्थितियों की पहचान और ऐसी स्थिति में सहायता प्राप्त करने के तरीकों के बारे में बताया। उन्होंने बच्चों को किसी भी अनुचित व्यवहार के बारे में बिना डर के शिकायत करने और जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों की मदद लेने के लिए प्रेरित किया।

30 क्षेत्रों में आयोजित किए गए जागरूकता शिविर

अभियान के तहत देहरादून, मसूरी, विकासनगर, ऋषिकेश, डोईवाला और चकराता समेत जिले के 30 क्षेत्रों में न्यायिक अधिकारियों ने विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद किया। अभियान का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों और कानूनी संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ ही उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना है।

बाल संरक्षण और साइबर सुरक्षा की दी जानकारी

जागरूकता शिविरों में न्यायिक अधिकारियों के साथ चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), किशोर न्याय बोर्ड, साइबर सेल, विशेष किशोर पुलिस इकाई, मनोचिकित्सा विशेषज्ञ, विधि विद्यार्थी और समाजसेवी भी शामिल हो रहे हैं। इन शिविरों में बच्चों को पॉक्सो एक्ट, बाल अधिकारों, किशोर न्याय व्यवस्था, साइबर अपराधों से बचाव और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा पोस्टर, बुकलेट और अन्य जागरूकता सामग्री भी वितरित की जा रही है।

अभियान 31 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इस दौरान न्यायिक अधिकारी और बाल संरक्षण से जुड़े विभागों की टीमें विभिन्न विद्यालयों में जाकर बच्चों को जागरूक करेंगी। इसका उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित व्यवहार अपनाने, अनुचित गतिविधियों को पहचानने और किसी भी परेशानी की स्थिति में सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।

बच्चों को अधिकारों के प्रति जागरूक करना उद्देश्य

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि अभियान का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को उसके अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा और कानूनी संरक्षण के प्रति जागरूक एवं सशक्त बनाना है। न्यायिक अधिकारी स्वयं विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों से संवाद कर रहे हैं, ताकि उन्हें बाल संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं की समुचित जानकारी मिल सके।

उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा अपने अधिकारों से अनजान न रहे और शोषण, उत्पीड़न या किसी असुरक्षित परिस्थिति का सामना करने पर भय अथवा संकोच के कारण चुप न रहे। बच्चों को यह भरोसा दिलाना जरूरी है कि उनकी बात सुनी जाएगी और उन्हें उचित सहायता एवं संरक्षण मिलेगा। सुरक्षित बचपन ही सशक्त समाज और उज्ज्वल राष्ट्र की नींव है।

शिविर के आयोजन पर विनबर्ग एलन स्कूल प्रशासन ने जिला न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल और उनकी टीम का आभार व्यक्त किया।

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