ऋषिकेश। राष्ट्रीय अंगदान दिवस के उपलक्ष्य में एम्स ऋषिकेश में 16वां राष्ट्रीय अंगदान माह मनाया गया। इस दौरान अंगदान के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के तहत रेडियो कार्यक्रम, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को अंगदान का महत्व समझाया गया।
संस्थान के अंग प्रत्यारोपण विभाग की ओर से आयोजित अभियान की शुरुआत रेडियो ऋषिकेश 90.0 एफएम पर विशेष कार्यक्रम से हुई। संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने आकाशवाणी के माध्यम से अंगदान के महत्व, इससे जुड़े मिथकों और भ्रांतियों की जानकारी दी। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया।
नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए अंगदान जागरूकता विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। वहीं, कॉलेज ऑफ नर्सिंग के विद्यार्थियों ने सर्जिकल गैस्ट्रो, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, जनरल सर्जरी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग की ओपीडी में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए। इसके माध्यम से मरीजों, तीमारदारों, आगंतुकों और स्वास्थ्यकर्मियों को अंगदान के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
अंगदान के प्रति जागरूकता अभियान के दौरान 10 लोगों ने नोटो प्लेज रजिस्ट्री के माध्यम से अंगदान का संकल्प लिया। विभाग की ओर से बताया गया कि राष्ट्रीय अंगदान दिवस के अवसर पर तीन अगस्त को सुबह साढ़े पांच बजे अंगदान जागरूकता फ्लैग मार्च और पदयात्रा रैली निकाली जाएगी। रैली एम्स के गेट नंबर एक के सामने आस्था पथ पर आयोजित होगी।
अंगदाता परिवारों को किया जाएगा सम्मानित
राष्ट्रीय अंगदान दिवस समारोह के दौरान अंगदाता परिवारों को उनके अतुलनीय और प्रेरणादायी योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रमों के दौरान डीन एकेडमिक प्रो. सौरभ वाष्र्णेय, डीन रिसर्च प्रो. शैलेन्द्र हांडू, डीन एग्जाम प्रो. बीके बस्तिया, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. बी. सत्या श्री, डॉ. रोहित गुप्ता, डॉ. अंकुर मित्तल, कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्रिंसिपल प्रो. स्मृति अरोड़ा सहित नर्सिंग विद्यार्थी मौजूद रहे।



