उत्तरकाशी। पवित्र श्रावण मास के अवसर पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 46वीं शिव महापुराण कथा का शुभारंभ श्रद्धा और भक्ति के साथ हुआ। कथा के शुभारंभ से पहले पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाए।
कलश यात्रा हनुमान चौक से शुरू होकर गंगा मंदिर, बस अड्डा, कंडार देवता मंदिर और भैरव चौक होते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंची। यहां विधि-विधान के साथ कथा का शुभारंभ किया गया।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में बनाए गए पांडाल में 12 अगस्त 2026 तक शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष कथा का वाचन उत्तरकाशी की वरुणा घाटी के श्रद्धेय डॉ. पंकज सेमवाल कर रहे हैं।
कथा के पहले दिन व्यास पीठ से डॉ. पंकज सेमवाल ने स्कंद पुराण के आधार पर भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया। साथ ही काशी की धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्ता का गुणगान किया। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्तिरस में डूबे नजर आए।
इस अवसर पर रमेश चौहान, मोहन डबराल, गोपाल रावत, कुशाल पंवार, हेमराज बनूनी, जय सिंह चौहान, विजय पुरी चौहान, संजय अरोड़ा, पारस, अंकित, मनदीप, अर्चना रतूड़ी, प्रेमा चंधोक और संतोषी बनूनी समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।



