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देहरादून में ‘होमस्टे’ की आड़ में अय्याशी पर प्रशासन का शिकंजा, 17 का पंजीकरण निरस्त

Ramesh Kuriyal
3 Min Read

देहरादून में होमस्टे की आड़ में चल रही अवैध गतिविधियों पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर पहले चरण में 17 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। ये सभी इकाइयां कागजों में होमस्टे थीं, लेकिन वास्तविकता में होटल, पार्टी स्पॉट और देर रात तक चलने वाले अड्डों के रूप में संचालित हो रही थीं।

प्रशासन की जांच में सामने आया कि कई होमस्टे में रातभर शराब परोसी जा रही थी और तेज आवाज में डीजे बजाए जा रहे थे। बाहरी लोगों की आवाजाही बिना किसी सत्यापन के जारी थी। जांच में यह भी पाया गया कि ऐसे ठिकानों पर ठहरने वाले कुछ लोग नशे की हालत में ओवरस्पीड वाहन चलाते हुए हुड़दंग करते थे। देर रात फायरिंग और सड़क पर उपद्रव की घटनाओं में भी इन स्थानों की भूमिका सामने आई है।

महज सात दिन के भीतर प्रशासन ने पांच मजिस्ट्रेट टीमों का गठन कर सहसपुर और रायपुर क्षेत्र के नगरीय इलाकों में अभियान चलाया। इस दौरान 17 होमस्टे नियमों का उल्लंघन करते पाए गए, जिन्हें तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया। साथ ही, इन्हें पर्यटन विभाग की वेबसाइट से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कई होमस्टे में रसोई की व्यवस्था नहीं थी, जबकि नियमों के तहत यह अनिवार्य है। अग्निशमन उपकरण या तो मौजूद नहीं थे या उनकी वैधता समाप्त हो चुकी थी। कई इकाइयों में फूड लाइसेंस भी नहीं मिला। कुछ स्थानों पर मालिक स्वयं मौजूद नहीं थे और पूरा परिसर किराये या लीज पर चलाया जा रहा था। वहीं, कई जगह पंजीकरण से अधिक कमरे बनाकर होटल जैसा संचालन किया जा रहा था।

प्रशासन को ऐसे मामले भी मिले, जहां होमस्टे का इस्तेमाल बारातघर और निजी आयोजनों के लिए किया जा रहा था। निरंजनपुर क्षेत्र में विदेशी मेहमानों के ठहरने की सूचना नियमानुसार दर्ज नहीं की गई, जबकि बल्लूपुर में पंजीकरण से अधिक कमरे संचालित पाए गए।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शहर के कई पॉश इलाकों में होमस्टे के नाम पर रातभर पार्टियां चल रही थीं। तेज संगीत, शराब और देर रात तक वाहनों की आवाजाही से स्थानीय लोग परेशान थे, लेकिन कागजी वैधता के कारण कार्रवाई नहीं हो पा रही थी।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि होमस्टे योजना का उद्देश्य स्थानीय परिवारों की आय बढ़ाना और संस्कृति को बढ़ावा देना है, लेकिन कुछ लोगों ने इसे व्यावसायिक लाभ और अवैध गतिविधियों का माध्यम बना दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा और जहां भी अनियमितता मिलेगी, वहां कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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