नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक क्षेत्र में सोमवार को गोभक्तों ने भागीरथी आश्रम से लेकर लक्ष्मणझूला स्थित जिलाधिकारी कैंप कार्यालय तक पदयात्रा रैली निकाली। इस दौरान हस्ताक्षर अभियान चलाकर प्रदेश व केंद्र सरकार से गोमाता को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग उठाई गई।
रैली के बाद गोभक्तों ने यमकेश्वर तहसीलदार वैभव जोशी के माध्यम से राज्यपाल Gurmit Singh और राष्ट्रपति Droupadi Murmu को ज्ञापन भेजा।
सुबह गोभक्त भागीरथी आश्रम के मुख्य गेट पर एकत्र हुए, जहां से उन्होंने करीब एक से डेढ़ किलोमीटर की पदयात्रा करते हुए जिलाधिकारी कैंप कार्यालय तक रैली निकाली।
ज्ञापन में गोभक्तों ने कहा कि भारतीय देशी गोवंश हमारी संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। उनका मानना है कि जब तक गोमाता सुरक्षित नहीं है, तब तक हमारी संस्कृति अधूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रकार Kashi Vishwanath Dham और Mahakal Lok के माध्यम से भारत की आध्यात्मिक पहचान को सशक्त किया गया है, उसी तरह गोमाता को राष्ट्रीय सम्मान देकर सांस्कृतिक पुनरुत्थान को पूर्ण किया जा सकता है।
इस मौके पर अखिल ब्रह्मांडनायक स्वामी कमलेशानंद गिरि महाराज, स्वामी दशरानंद महाराज, राजेंद्र दास, स्वामी अशोक आनंद, स्वामी माधवानंद, स्वामी तीर्थानंद, स्वामी विशालआनंद, जीतू अवस्थी, अश्वनी गुप्ता, विकास भंडारी, विनीता नौटियाल, वृंदावनदास, ईश्वरदास और रामदास सहित कई लोग मौजूद रहे।



