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बैरागीवाला हिंसा पर गरमाई सियासत, विपक्ष और जनसंगठनों ने किया प्रदर्शन

Ramesh Kuriyal
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देहरादून। बैरागीवाला में हत्या के बाद हुई हिंसा, आगजनी और बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में विभिन्न जन संगठनों और प्रमुख विपक्षी दलों ने गुरुवार को गांधी पार्क गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विनोद कश्यप हत्याकांड के आरोपियों को कड़ी सजा देने के साथ-साथ हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी में शामिल लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।

धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि हत्या की घटना के बाद क्षेत्र में पथराव, घरों में आगजनी और वाहनों में तोड़फोड़ जैसी घटनाएं हुईं, जो गंभीर आपराधिक कृत्य हैं। उनका आरोप था कि इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।

वक्ताओं ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों की अनदेखी करते हुए आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाया गया, जो कानून के शासन के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान पुरोला, उत्तरकाशी, नैनीताल और देहरादून समेत कई स्थानों पर इस प्रकार की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन दोषियों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी है।

बैरागीवाला क्षेत्र का दौरा कर लौटे फैक्ट फाइंडिंग टीम के सदस्यों ने बताया कि कई लोगों की निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया, वाहनों में तोड़फोड़ की गई तथा दुकानों और मकानों को क्षति पहुंचाई गई। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित कर क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द बहाल करने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि विनोद कश्यप के हत्यारों को कठोर दंड दिया जाए, आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाए, बुलडोजर कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों अथवा संबंधित पक्षों की जांच कर कार्रवाई की जाए तथा प्रदेश में सांप्रदायिक तनाव और हिंसा की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जाए।

धरने में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय शर्मा, सुजाता पॉल और याकूब सिद्दीकी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय परिषद सदस्य समर भंडारी, माकपा के प्रदेश सचिव राजेंद्र पुरोहित एवं जिला महामंत्री शिव प्रसाद देवली, भाकपा (माले) के प्रदेश सचिव इंद्रेश मैखुरी सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव डॉ. सत्यनारायण सचान ने भी आंदोलन को समर्थन दिया।

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