स्वच्छोत्सव 2025: हरिद्वार में गंगा घाटों से लेकर गांव तक गूंजा ‘स्वच्छता ही सेवा’ का संदेश

Ramesh Kuriyal
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स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत “स्वच्छता ही सेवा” कार्यक्रम के तहत हरिद्वार में आज स्वच्छता अभियान को नई ऊर्जा मिली। आईटीसी मिशन सुनहरा कल, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, डीआरडीए, स्वजल, लीप ग्रामोत्थान, नगर निगम और ग्राम पंचायत औरंगाबाद सहित कई संस्थाओं की सहभागिता से “स्वच्छोत्सव 2025” का भव्य शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी महोदया के नेतृत्व में विकास भवन से हुआ।

विकास भवन से अभियान की शुरुआत
विकास भवन परिसर में सभी विभागों ने मिलकर सफाई अभियान चलाया। प्लास्टिक कचरा एकत्र कर निस्तारण किया गया। महिला आश्रम, पीपीएचएफ, बंधन, प्रथम फाउंडेशन, मैजिक बस फाउंडेशन और लोक मित्र जैसी संस्थाओं ने अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लिया। आईटीसी लिमिटेड की ओर से सचिन कांबले और श्री मिश्रा भी उपस्थित रहे।

मंदिरों में स्वच्छता का संदेश
कनखल के राधा कृष्ण मंदिर और शीतला माता मंदिर में नगर विधायक मदन कौशिक के नेतृत्व में स्वच्छता अभियान चलाया गया। करीब 200 किलो प्लास्टिक कचरा एकत्र कर निस्तारण के लिए भेजा गया। विधायक ने कहा,
“स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, यह जीवन की आवश्यकता है। हर नागरिक को अपने घर, गली और कार्यस्थल की जिम्मेदारी निभानी होगी। हरिद्वार को स्वच्छता का आदर्श बनाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”

ग्राम पंचायत औरंगाबाद में सफाई अभियान
ग्राम पंचायत औरंगाबाद में आईटीसी मिशन सुनहरा कल की टीम ने स्वजल परियोजना की समुदाय विशेषज्ञ अनीता के साथ मिलकर चार क्विंटल कचरा एकत्र कर निस्तारण कराया। ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

शपथ और जागरूकता
विकास भवन में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 300 प्रतिभागियों ने स्वच्छता शपथ ली। कुल 400 से अधिक लोगों ने भागीदारी की। स्वच्छता नारे, दीवार पेंटिंग और जन जागरूकता से अभियान को नया रूप मिला।

स्वच्छता के प्रेरक नारे
गंगा साफ़, जीवन ख़ास!
गंगा को गंदा मत करो, संस्कृति को कलंकित मत करो!
स्वच्छ गंगा, स्वच्छ भारत!
गंगा की स्वच्छता, सबकी जिम्मेदारी!
और अन्य प्रेरक नारों ने अभियान को जनांदोलन का रूप दिया।

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