मुरादाबाद , तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर के डिपार्टमेंट ऑफ रेडियोडायग्नोसिस के प्रो. राजुल रस्तोगी ने इंडियन रेडियोलॉजीकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन- आईआरआईए की ओर से आयोजित चार दिनी 75वीं कॉन्फ्रेंस- आईआरआईए-2023 में दो रिसर्च पेपर प्रेजेन्ट किए। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस इन एपीलेप्सी और लिवेटर हाइटस इवैल्यूएशन बाय एमआरआई पर रिसर्च पेपर पढ़े। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस इन एपीलेप्सी में उन्होंने बताया, कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन प्रोग्राम के जरिए एपीलेप्सी को जल्दी से पकड़ने में मदद मिलती है, जिससे डॉक्टर्स जल्दी ही इसका ट्रीटमेंट कर सकता है। सामान्य स्थिति में एपीलेप्सी का पता लगाने में ज्यादा समय लगता है और रोग की गंभीरता भी बढ़ जाती है। कॉन्फ्रेंस में रेडियोलॉजी के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े करीब 800 से अधिक नेशनल और इंटरनेशनल रिसर्च पेपर पढ़े गए।
उल्लेखनीय है, गुरूनानक यूनिवर्सिटी, अमृतसर, पंजाब में हुई इस कॉन्फ्रेंस-आईआरआईए-2023 में यूरोपियन सोसायटी ऑफ रेडियोलॉजी, कोरियन सोसाइटी ऑफ रेडियोलॉजी, रेडियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ नार्दर्न अमेरिका आदि इंटरनेशनल सोसायटियों ने भी शिरकत की। इस कॉन्फेंस का आयोजन प्रतिवर्ष होता है। इस बार इसका 75वां संस्करण हुआ। उल्लेखनीय है, प्रो. राजुल रस्तोगी को रेडियोलॉजी में 20 बरस से अधिक का अनुभव है। वह रेडियोडायग्नोसिस में एमडी हैं। प्रो. राजुल की झोली में 170 से अधिक नेशनल/इंटरनेशनल पब्लिकेशन्स हैं। वह अब तक 110 से अधिक नेशनल/इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस, गेस्ट लेक्चर्स, वर्कशॉप्स, सेमिनार्स आदि में प्रेजेन्टेशन दे चुके हैं। करीब एक दर्जन से अधिक अवार्ड भी उन्हें मिल चुके हैं।


