टिहरी। समाज सेवा को जनभागीदारी से जोड़ने और लोगों को अपने गांव व समाज के लिए समय देने के उद्देश्य से शुरू किए गए ‘एक रविवार–एक गांव, एक घंटा समाज के नाम’ अभियान का दूसरा रविवार 23 अगस्त को प्रदेशभर में आयोजित किया जाएगा। अभियान के तहत विभिन्न जिलों में सामाजिक कार्यकर्ता, युवा, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़े लोग और स्थानीय नागरिक अपने-अपने गांवों में पहुंचकर एक घंटा समाज सेवा के लिए समर्पित करेंगे।
इस दौरान ग्रामीणों से संवाद कर गांव की स्थानीय समस्याओं और जरूरतों को समझने, जनजागरूकता बढ़ाने, जरूरतमंदों की मदद करने और उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से स्थानीय समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
पहले रविवार को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया
अभियान के प्रथम रविवार को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों ने उत्साह के साथ भागीदारी की। कई स्थानों पर ग्रामीणों के साथ संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी गईं। वहीं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। पहले चरण में मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद अब अभियान को दूसरे रविवार को और व्यापक स्तर पर संचालित करने की तैयारी है।
सप्ताह में एक घंटा समाज को देने की अपील
अभियान से जुड़े सुशील बहुगुणा ने कहा कि आज की व्यस्त जीवनशैली में यदि प्रत्येक व्यक्ति सप्ताह में केवल एक घंटा भी समाज के लिए निकालता है तो सामूहिक रूप से इसका बड़ा सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। समाज सेवा के लिए बड़े संसाधनों की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि इसके लिए समय देने की इच्छाशक्ति और सेवा भावना जरूरी है।
उन्होंने आमजन, युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, अधिकारी-कर्मचारियों और समाज के सभी वर्गों से अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह पहल किसी एक व्यक्ति तक सीमित न रहकर जनभागीदारी का व्यापक अभियान बने, यही इसका मुख्य उद्देश्य है।
गांव की जरूरतों को समझने पर रहेगा जोर
बहुगुणा ने कहा कि प्रत्येक रविवार एक गांव में एक घंटे की गतिविधि के माध्यम से वहां की वास्तविक जरूरतों को समझने और स्थानीय स्तर पर समाधान की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। सेवा कार्यों की जानकारी, फोटो और समाचार साझा कर प्रदेशभर में हो रही सकारात्मक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ‘एक रविवार–एक गांव, एक घंटा समाज के नाम’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प है। प्रदेश का प्रत्येक नागरिक यदि सप्ताह में एक घंटा समाज को देता है तो सेवा, सहयोग और सामाजिक सहभागिता की मजबूत श्रृंखला तैयार की जा सकती है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि 23 अगस्त को अपने रविवार का एक घंटा समाज के नाम समर्पित करें और इस पहल को गांव-गांव तक पहुंचाने में सहयोग दें।



