उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने कलजयी रचनाओं के लेखक स्व त्रेपन सिंह चौहान को याद किया

Ramesh Kuriyal
3 Min Read

अल्मोड़ा उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने आज उत्तराखंड के युवा साहित्यकार, पत्रकार, चिंतक व उत्तराखंड राज्य आंदोलन को लेकर यमुना व हे ब्वारी जैसी कलजयी रचनाओं के लेखक स्व त्रेपन सिंह चौहान को उनके जन्मदिन पर याद करते हुए युवा पीढ़ी से उनकी रचनाओं को व्यक्तित्व में उतारने की अपील की । इस मौके पर पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पी सी तिवारी ने कहा कि त्रेपन उनके अच्छे मित्र थे और उन्होंने टिहरी में जल विद्युत परियोजनाओं के खिलाफ चले लंबे आंदोलन में उनके नेतृत्व में भाग लिया था।

उपपा के केंद्रीय कार्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेश नौड़ियाल के संचालन में हुई संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि त्रेपन भाई ने मात्र 49 वर्ष की उम्र में उत्तराखंड की घटनाओं, समस्याओं, राज्य आंदोलन के विभिन्न रूपों को अपनी रचनाओं में परत दर परत शामिल करने का अद्भुत काम किया जो उत्तराखंड पर उनकी गहरी समझ का परिचायक है।

वक्ताओं ने कहा कि त्रेपन ने चेतना आंदोलन के माध्यम से टिहरी क्षेत्र में अपने समाज को एकजुट कर कई उल्लेखनीय कार्य किए जिसका पूरा राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर गहरा प्रभाव पड़ा। वक्ताओं ने कहा कि त्रेपन केवल एक बुद्धिजीवी नहीं बल्कि समाज के जरूरतमंदों, मजदूरों, किसानों, महिलाओं व युवाओं को संगठित कर मोर्चे का नेतृत्व करने वाले एक जाबांज साथी थे और जब उन्हें लाइलाज असाध्य बीमारी ने घेर लिया तब भी वह अंतिम समय तक सक्रिय रहे जो उनकी अदम्य जिजीविषा का परिचायक है।

संगोष्ठी का समापन करते हुए केंद्रीय महासचिव नरेश नौड़ियाल ने कहा त्रेपन भाई उन लाखों उत्तराखंडियों की तरह राज्य की अवधारणा से हो रहे खिलवाड़ से त्रस्त व चिंतित थे। अगर आज वे जीवित होते तो राज्य में बड़े बदलाव के लिए जनता को एकजुट कर एक न्याय पूर्ण समाज के लिए संघर्ष का नेतृत्व कर रहे होते। संगोष्ठी के अंत में त्रेपन भाई को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राज्य की सभी आंदोलनकारी ताकतों से एकजुट होकर राज्य आंदोलन के सपने को साकार करने के लिए आगे आने की अपील की। संगोष्ठी में पार्टी के एडवोकेट नारायण राम उछास की भावना पांडे, राजू गिरी, नगर अध्यक्ष श्रीमती हीरा देवी, दीपांशु पांडे समेत कई लोग मौजूद थे

Share This Article
Leave a Comment