अल्मोड़ा। उत्तराखंड छात्र संगठन की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार, 7 अगस्त को उपपा कार्यालय अल्मोड़ा में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संगठन की सदस्य विनीता ने की। इस दौरान संगठन के विस्तार, आगामी कार्ययोजना, छात्र-युवा हितों से जुड़े मुद्दों और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि उत्तराखंड छात्र संगठन प्रदेशभर में शिक्षा के बढ़ते बाजारीकरण के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाएगा। संगठन समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सभी का अधिकार बनाने तथा रोजगार को मौलिक अधिकार का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर भी अभियान चलाएगा। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा और रोजगार किसी भी लोकतांत्रिक समाज की बुनियादी जरूरतें हैं और इन्हें सभी के लिए समान रूप से सुलभ बनाया जाना चाहिए।
संगठन की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने और विभिन्न क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने के लिए बैठक में छह सदस्यीय संयोजक मंडल का गठन किया गया। इसमें विनीता, दीपांशु, सोनी, सुरेंद्र, बलवंत और आशा को शामिल किया गया है। संयोजक मंडल संगठन के कार्यक्रमों के संचालन, नए सदस्यों को जोड़ने और छात्र-युवा आंदोलनों को संगठित करने की जिम्मेदारी संभालेगा।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि आने वाले समय में संगठन प्रदेश के अधिक से अधिक शैक्षणिक संस्थानों, महाविद्यालयों और युवाओं के बीच अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराएगा। छात्र-युवा हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर निरंतर संघर्ष के साथ जनसंपर्क अभियान भी चलाया जाएगा।
इस दौरान संगठन ने सरकार की छात्र और युवा विरोधी नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। संगठन ने छात्र आंदोलनों के दौरान छात्रों पर की गई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की।
बैठक के अंत में उत्तराखंड छात्र संगठन ने प्रदेश के सभी छात्रों, शोधार्थियों और युवाओं से संगठन से जुड़ने की अपील की। संगठन ने शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने तथा जनहित के मुद्दों पर एकजुट होकर आगे आने का आह्वान किया।



