टिहरी। गायत्री शक्तिपीठ टिहरी में शनिवार को नशे के खिलाफ पहली बार विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता जयवीर रावत ने की, जबकि संचालन राज्य आंदोलनकारी एवं जनपद प्रमुख नशामुक्त भारत अभियान देवी सिंह पंवार ने किया।
गोष्ठी में वक्ताओं ने समाज में तेजी से बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ केवल प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को मिलकर इसके खिलाफ अभियान चलाना होगा।
मुख्य वक्ता डॉ. राकेश भूषण गोदियाल ने कहा कि समाज को विभिन्न प्रकार के नशे से मुक्त करने के लिए सभी लोगों को एकजुट होकर कार्य करना होगा। उन्होंने लोगों से नशे के खिलाफ चल रहे अभियान में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की।
प्रधानाचार्य ढूंगीधार इंटर कॉलेज डॉ. सुशील कोटनाला, नागरिक मंच टिहरी के कमल सिंह मैहर, व्यापार मंडल टिहरी के अध्यक्ष भगवान सिंह रावत और श्री नरोत्तम दत्त कोटनाला सहित अन्य वक्ताओं ने भी नशे के कारण समाज में उत्पन्न हो रही समस्याओं और लोगों के उत्पीड़न पर अपने विचार रखे।
वक्ताओं ने कहा कि नशा युवा पीढ़ी को सबसे अधिक प्रभावित कर रहा है। इससे परिवारों में आर्थिक और सामाजिक समस्याएं बढ़ रही हैं। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान को गांव-गांव और शिक्षण संस्थानों तक पहुंचाने की जरूरत है।
गोष्ठी में मौजूद लोगों ने राज्य आंदोलनकारी देवी सिंह पंवार के नशामुक्ति अभियान को समर्थन देने और उनके संघर्ष में साथ खड़े रहने का संकल्प लिया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में भाजपा नेत्री सरोज बहुगुणा, रेखा पंवार, लता ठाकरे, आदित्य पंत, किरण कुमार, गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक बीपी बधानी, लव सेमवाल, राहुल भंडारी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
गोष्ठी के समापन पर अध्यक्ष अधिवक्ता जयवीर रावत ने समाज में बढ़ते नशे पर चिंता जताते हुए कहा कि नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयास जरूरी है। उन्होंने लोगों से नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।



