
टिहरी गढ़वाल। कुछ सफर लंबे होते हैं, लेकिन उनकी सार्थकता तब सिद्ध होती है जब धैर्य को सम्मान मिलता है। टिहरी गढ़वाल की राजनीति के एक समर्पित स्तंभ खेम सिंह चौहान को उत्तराखंड सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है।
स्मृतियों के झरोखे से : सन् 1996 का वह दौर, जब खेम सिंह थौलधार ब्लॉक के प्रमुख हुआ करते थे। वह समय लाखीराम जोशी उत्तर प्रदेश विधानसभा में टिहरी का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, तब से लेकर आज तक दशकों बीत गए लेकिन खेम सिंह की निष्ठा अपनी विचारधारा और भाजपा के प्रति अडिग रही।
बीच में उतार-चढ़ाव भी आए, टिकट मिला, कभी पद रहा, कभी नहीं रहा लेकिन नई टिहरी का कोई भी जन-आंदोलन रहा हो, खेम सिंह हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े नजर आए। उनकी सबसे बड़ी पूंजी उनकी ‘अजातशत्रु’ छवि है, राजनीति की उठापटक में भी उन्होंने कभी किसी से कटुता नहीं रखी।
आज जब उन्हें यह नई उत्तराखंड ओबीसी कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है तो यह केवल एक पद नहीं, बल्कि उनके वर्षों के धैर्य, संघर्ष और निस्वार्थ सेवा का प्रतिफल है। खेम सिंह को इस नई पारी के लिए अनंत शुभकामनाएं! ईश्वर आपको जनसेवा के इस मार्ग पर और अधिक शक्ति प्रदान करें।
