
अगस्त को धाराली में एक हृदय विदारक घटना मे सैकड़ो परिवार अपना सब कुछ गंवा बैठे लोक हितैषी मंच ने I.AG. उत्तराखंड की कन्वेनियर श्रीमती कुसुम घिल्डियाल की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में विधायक गंगोत्री सुरेश चौहान ने स्वयंसेवी संस्थाओं की समाज में सकारात्मक भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि आपदा की इस घड़ी में न केवल आर्थिक, बल्कि भावनात्मक सहायता की भी आवश्यकता है। उन्होंने सामाजिक संगठनों से आग्रह किया कि वे परिवार की तरह पीड़ितों के दुख-दर्द को बांटने का प्रयास करें।
इसी संवेदनशील पहल के तहत, को लोक हितैषी मंच के दिनेश भट्ट, करण सिंह, विजयेश्वर प्रसाद डंगवाल, पदम दत्त जोशी, नागेंद्र दत्त, जय प्रकाश राणा,आदि ने धाराली के आपदाग्रस्त परिवारों से जो निचले क्षेत्र में निवास कर है से मुलाकात की। हमारे साथी जब पीड़ित परिवारों से बात कर रहे थे तो इस दौरान एक ऐसी मार्मिक कहानी सामने आई, धाराली निवासी श्रीमती हेमलता पंवार, जो पहले से ही गले की गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं, अब एक असहनीय दुख का सामना कर रही हैं। उनके पति, श्री धनेंद्र पंवार, 5 अगस्त 2025 को आई भीषण आपदा में लापता हो गए।
हेमलता के पति जो अपने दो मासूम बच्चों—13 वर्षीय अनमोल पंवार और 7 वर्षीय आरुष पंवार—के पालन-पोषण के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे थे, किन्तु 05 अगस्त की आपदा में लापता हैं । अनमोल, जो अभी अपनी किशोरावस्था की शुरुआत में है, और छोटा आरुष, जो मासूमियत भरी नजरों से दुनिया को देखता है, दोनों अपने पिता के बिना भविष्य की अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। हेमलता की बीमारी और पति के लापता होने का दर्द इस परिवार को और भी असहाय बना रहा है। मुलाकात के दौरान, जब यह परिवार अपनी पीड़ा साझा कर रहा था, वहां मौजूद सभी की आँखें नम हो गईं। हेमलता की बिडम्वना ये भी है कि डॉ ने उन्हें रोने व बोलने को मना किया है। बच्चों के चेहरों पर बेबसी साफ झलक रही थी।