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वनाग्नि की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में।

Ramesh Kuriyal
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जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने मंगलवार को वर्चुअल माध्यम से संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में ग्रीष्मकाल के दौरान वनों को आग से बचाने और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों को को लेकर चर्चा हुई।

जिलाधिकारी ने वनाग्नि नियंत्रण के लिए की गई अब तक की कार्रवाई की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आग की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुँचने के लिए क्विक रिस्पांस टीम को 24×7 सक्रिय रहने के निर्देश दिए। वनाग्नि रोकने में स्थानीय समुदायों और ग्राम पंचायतों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि जन-सहभागिता से आग पर काबू पाया जा सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि वनाग्नि न केवल हमारी प्राकृतिक संपदा को नष्ट करती है, बल्कि यह वन्यजीवों और पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें ताकि किसी भी बड़ी घटना को समय रहते रोका जा सके।

बैठक में डीएफओ डीपी बलूनी,रविंद्र पुंडीर,डिप्टी डायरेक्टर गोविंद वन्य जीव विहार निधि सेमवाल,एसडीएम देवानंद शर्मा,जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दूल गुसाई सहित अन्य समन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

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