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उत्तराखंड के 114 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर नहीं होंगे बंद

Ramesh Kuriyal
3 Min Read

देहरादून।

प्रदेश की मलिन बस्तियों और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए राहत की खबर है। उत्तराखंड के 114 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर 31 जुलाई के बाद बंद नहीं होंगे। एक अगस्त से इनके संचालन की जिम्मेदारी अस्थायी रूप से संबंधित नगर निकायों को सौंपी जाएगी।

शहरी विकास निदेशक विनोद गोस्वामी ने ब्रेथवेट कंपनी को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि कंपनी का अनुबंध 29 मई को समाप्त हो चुका था और विशेष अनुमति के तहत वह केवल 17 जुलाई तक ही आरोग्य मंदिरों का संचालन कर सकती थी। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शहरी विकास विभाग ने ब्रिज, रोपवे, टनल एंड अदर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (ब्रिडकुल) को कार्यदायी संस्था नामित किया है। इसके लिए 79 करोड़ रुपये का बजट भी शहरी निकायों को जारी किया जा चुका है।

फिलहाल शहरी विकास निदेशालय और ब्रिडकुल के बीच एमओयू की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके पूरा होने तक सभी आरोग्य मंदिरों का संचालन संबंधित नगर निकाय अपने स्तर पर करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर नगर निकाय किसी संस्था का चयन कर संचालन की व्यवस्था भी कर सकते हैं।

ब्रेथवेट कंपनी को खुद वसूलना होगा बकाया

ब्रेथवेट कंपनी से जुड़े संचालकों के सामने भुगतान का संकट भी खड़ा हो गया है। पिछले वित्तीय वर्ष का 39 करोड़ रुपये का बजट नगर निकायों को जारी किया जा चुका है। ऐसे में कंपनी को अपना भुगतान प्रत्येक निकाय से अलग-अलग प्राप्त करना होगा। भुगतान में देरी के कारण कई आरोग्य मंदिरों के कर्मचारियों का दो माह का वेतन भी अटक गया है, जिससे कर्मचारियों में चिंता बनी हुई है।

ब्रिडकुल के महाप्रबंधक कमल सैनी ने बताया कि शहरी विकास निदेशालय के साथ एमओयू की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके पूरा होते ही संचालन की आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

अधिकारी बोले

शहरी विकास निदेशक विनोद गोस्वामी ने कहा कि 31 जुलाई के बाद प्रदेश का कोई भी शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर बंद नहीं होगा। कुछ केंद्र पहले से ही नगर निकायों के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं, जबकि शेष केंद्रों का संचालन भी ब्रिडकुल के साथ एमओयू होने तक अस्थायी रूप से नगर निकाय ही करेंगे।

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