
देहरादून। उत्तराखंड में शिक्षा विभाग में राज्य गठन से अब तक दिव्यांग कोटे से भर्ती किए गए सभी 234 प्रवक्ताओं की दिव्यांगता की जांच कराई जाएगी। इसके लिए एम्स ऋषिकेश में मेडिकल बोर्ड सात मार्च से स्वास्थ्य परीक्षण शुरू करेगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों (सीईओ) को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
जारी निर्देशों में कहा गया है कि प्रवक्ता संवर्ग में दिव्यांग कोटे से नियुक्त सभी शिक्षकों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। मेडिकल बोर्ड की ओर से यह तय किया गया है कि शिक्षकों की जांच सप्ताह में दो दिन—बृहस्पतिवार और शनिवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में की जाएगी।
पहले चरण में सात मार्च को 50 शिक्षकों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। इसके बाद क्रमशः 12 मार्च, 14 मार्च, 28 मार्च और 2 अप्रैल को अन्य शिक्षकों का परीक्षण किया जाएगा। निदेशालय की ओर से सभी सीईओ को दिव्यांग कोटे से भर्ती शिक्षकों की सूची भेज दी गई है और उन्हें संबंधित शिक्षकों को निर्धारित तिथि की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि तय तिथि पर जांच के लिए उपस्थित न होने वाले शिक्षकों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।
यह है मामला
दरअसल, शिक्षा विभाग में कुछ शिक्षकों के फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी पाने का मामला सामने आया था। इस संबंध में नेशनल फेडरेशन ऑफ द ब्लाइंड ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। याचिका के आधार पर वर्ष 2022 में राज्य मेडिकल बोर्ड ने कुछ शिक्षकों के दिव्यांगता प्रमाणपत्रों की जांच की, जिसमें कई प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए थे।
इसके बाद शिक्षा विभाग को संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए, लेकिन अब तक इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
सभी जिलों के शिक्षक सूची में शामिल
दिव्यांग कोटे से भर्ती 234 शिक्षकों की सूची में पौड़ी, नैनीताल, देहरादून, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, टिहरी और हरिद्वार समेत राज्य के सभी जिलों के शिक्षक शामिल हैं।
आयुक्त दिव्यांगजन ने भी दिए थे निर्देश
न्यायालय आयुक्त दिव्यांगजन ने 22 नवंबर 2025 को इस मामले की सुनवाई के दौरान जनहित याचिका में शामिल शिक्षकों की सूची शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
स्वास्थ्य महानिदेशक सुनीता टम्टा ने बताया कि कोर्ट के आदेश के तहत दिव्यांग कोटे से भर्ती शिक्षकों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। एम्स ऋषिकेश के न्यूरोसर्जन सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम यह जांच करेगी।





