देहरादून। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर श्री कृष्ण योगपीठम (स्काई फाउंडेशन) की ओर से संस्थापक एवं योगाचार्य कृष्ण अवतार के नेतृत्व में विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और व्यावसायिक संस्थानों में योग सत्र आयोजित किए गए। आयुष मंत्रालय के कॉमन योग प्रोटोकॉल के तहत आयोजित कार्यक्रमों में सूक्ष्म व्यायाम, आसन, प्राणायाम और ध्यान के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया गया।
योगाचार्य कृष्ण अवतार ने तिब्बती वृद्धाश्रम और प्रेमधाम वृद्धाश्रम (डालनवाला), मिशनरीज ऑफ चैरिटी, अखिल भारतीय महिला आश्रम, द हंस फाउंडेशन की उत्तर प्रदेश इकाइयों, सी व्यू सेवा ट्रस्ट तथा गुरुकुल दून एकेडमी में योग सत्रों का संचालन किया। इन कार्यक्रमों में वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, विद्यार्थियों, स्वयंसेवकों और विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लेकर योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर प्रतिभागियों ने ‘हर घर योग, हर रोज योग’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और नियमित योगाभ्यास करने की शपथ ली।
मीडिया से बातचीत में योगाचार्य कृष्ण अवतार ने कहा कि योग केवल आसन या शारीरिक क्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण जीवनशैली है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के उठने-बैठने, खाने-पीने और व्यवहार में सजगता तथा मन में करुणा, प्रेम और विश्व कल्याण की भावना का समावेश ही वास्तविक योग है। योग के माध्यम से शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से उत्कृष्ट जीवन जिया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है। योग हमारी सनातन संस्कृति और ऋषि परंपरा की अमूल्य धरोहर है। इसे केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। स्वस्थ और समृद्ध समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को योग अपनाने की आवश्यकता है।



