तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ कम्प्यूटिंग साइंसेज़ एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी-सीसीएसआईटी ने नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। सीसीएसआईटी की दो फैकल्टीज़- श्री मौहम्मद सलीम और श्री अजय रस्तोगी को पीएचडी की उपाधि मिली है तो सीसीएसआईटी के डॉ. नमित गुप्ता ने मलेशिया से पोस्ट-डॉक्टोरल शोध पूर्ण करके यूनिवर्सिटी का का गौरव बढ़ाया है। श्री मौहम्मद सलीम ने मैनेजमेंट में इन्फ्लुएंस ऑफ फाइनेंशियल नॉलेज एंड इन्क्लूजन लेवल ऑन इन्वेस्टमेंट पैटर्न ऑफ एम्प्लॉइज ऑफ हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस पर अपना शोध किया है। यह शोध उच्च शिक्षा संस्थानों के कर्मचारियों के वित्तीय ज्ञान, वित्तीय समावेशन और निवेश व्यवहार के बीच संबंधों पर केंद्रित है। श्री सलीम ने अपना शोध टिमिट के प्रो. चंचल चावला के मार्गदर्शन में किया है। श्री मौहम्मद सलीम 2016 से टीएमयू में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वह यूजीसी नेट- वाणिज्य की परीक्षा तीन बार उत्तीर्ण कर चुके हैं। कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. राकेश कुमार द्विवेदी ने तीनों फैकल्टीज़ को बधाई देते हुए उम्मीद जताई, शोध की यह विकास यात्रा इन फैकल्टीज़ के लिए केवल एक अकादमिक उपलब्धि नहीं, बल्कि टीएमयू समेत वैश्विक छात्र-छात्राओं का ज्ञान विकसित करने में मील का पत्थर साबित होगी।
डॉ. नमित गुप्ता ने मलेशिया के प्रतिष्ठित कुआला लम्पुर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी- केएलयूएसटी से अपना पोस्ट-डॉक्टोरल शोध पूरा किया है। डॉ. गुप्ता का पोस्ट-डॉक्टोरल शोध मशीन लर्निंग आधारित दृष्टिकोणों द्वारा वायरलेस सेंसर नेटवर्क रूटिंग प्रोटोकॉल का डिजाइन एवम् विकास पर केंद्रित है। यह शोध पर्यवेक्षकों- अबू बकर बिन अब्दुल हमीद और अबू बकर बिन महात के मार्गदर्शन में किया है। यह शोध भविष्य में स्मार्ट शहरों, स्वास्थ्य निगरानी प्रणालियों और औद्योगिक स्वचालन जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने में सक्षम है। श्री अजय रस्तोगी ने महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड यूनिवर्सिटी, बरेली से कंप्यूटर साइंस में पीएचडी की है। उन्होंने अपना शोध ओपिनियन माइनिंग टू एनालाइज़ पीपल्स सेंटिमेंट्स इन स्ट्रीम्स ऑफ माइक्रोब्लॉगिंग पोस्ट्स पर एमजेपीआरयू, बरेली के प्रो. रविंद्र सिंह के मार्गदर्शन में किया है। डॉ. रस्तोगी ने डीप लर्निंग एवम् आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीकों का प्रयोग करते हुए सोशल मीडिया एवं माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध संदेशों से लोगों की भावनाओं एवम् विचारों का विश्लेषण करने पर कार्य किया। शोध कार्य के दौरान उन्होंने अपने शोध निष्कर्षों को अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में प्रस्तुत करने के साथ-साथ स्कोपस इंडेक्स्ड जर्नल्स में भी प्रकाशित किया है।



