देहरादून। यमुना घाटी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते यमुना नदी उफान पर है। नदी में गाद (पीपीएम) की मात्रा अत्यधिक बढ़ने के कारण बृहस्पतिवार देर रात डाकपत्थर बैराज के सभी गेट खोल दिए गए। चेतावनी सायरन बजाने के बाद बैराज से अधिकतम 49 हजार क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा गया।
लगातार बढ़ते जलस्तर और गाद की अधिकता का असर जलविद्युत उत्पादन पर भी पड़ा है। डाकपत्थर बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद व्यासी (120 मेगावाट), ढालीपुर (51 मेगावाट), ढकरानी (33.5 मेगावाट) और कुल्हाल (30 मेगावाट) जलविद्युत परियोजनाओं में बिजली उत्पादन पूरी तरह बंद कर दिया गया। हालांकि, टोंस नदी पर स्थित छिबरो (240 मेगावाट) और खोदरी (120 मेगावाट) जलविद्युत परियोजनाओं में उत्पादन सामान्य रूप से जारी है।
जानकारी के अनुसार बुधवार देर रात से यमुना घाटी में लगातार बारिश हो रही है, जिससे नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। बृहस्पतिवार रात करीब 10:30 बजे नदी में पीपीएम (गाद) की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक होने पर सुरक्षा मानकों के तहत बैराज के सभी गेट खोलने का निर्णय लिया गया।
उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) के जनसंपर्क अधिकारी विमल डबराल ने बताया कि नदी में पीपीएम की मात्रा सामान्य स्तर पर आते ही प्रभावित जलविद्युत परियोजनाओं में बिजली उत्पादन दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।



