हल्द्वानी। भीषण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल एक अज्ञात युवक को सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) के चिकित्सकों ने समय पर उपचार और जटिल सर्जरी कर नया जीवन दिया। युवक की हालत इतनी गंभीर थी कि उसकी पहचान तक संभव नहीं थी, लेकिन डॉक्टरों की तत्परता और समय पर उपलब्ध कराए गए रक्त ने उसकी जान बचा ली।
जानकारी के अनुसार सोमवार तड़के करीब चार बजे 108 एंबुलेंस से रुद्रपुर से घायल युवक को एसटीएच लाया गया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि हादसे में उसकी आंतें पेट से खिसककर छाती में पहुंच गई थीं, मूत्राशय फट चुका था और शरीर के भीतर लगातार रक्तस्राव हो रहा था। इसके अलावा आंख में गंभीर चोट और कूल्हे में फ्रैक्चर भी था। मरीज की नाजुक हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल ऑपरेशन करने का फैसला लिया।
सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. ए.के. सिंह के निर्देशन में डॉ. प्रतीक शाक्य के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने करीब तीन घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। टीम में डॉ. सुमित, डॉ. काजल, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. जहां आरा तथा नर्सिंग स्टाफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऑपरेशन के दौरान क्षतिग्रस्त आंतों की मरम्मत की गई और आंतरिक रक्तस्राव को नियंत्रित किया गया।
अस्पताल के प्राचार्य डॉ. जी.एस. तितियाल और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरुण जोशी के निर्देश पर ब्लड बैंक से मरीज को पांच यूनिट रक्त निशुल्क उपलब्ध कराया गया। समय पर रक्त मिलने से उपचार में बड़ी सफलता मिली और मरीज की जान बचाई जा सकी।
फिलहाल करीब 35 से 37 वर्ष आयु का यह युवक आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती है। उसकी पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। अस्पताल प्रशासन ने मामले की सूचना पुलिस को दे दी है। चिकित्सकों के अनुसार मरीज की स्थिति पहले से बेहतर है और उचित उपचार जारी रहने पर जल्द उसे सामान्य वार्ड में शिफ्ट किया जा सकता है।



