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10 बीघा में विकसित अवैध प्लाटिंग ध्वस्त, तीन निर्माण सील

Ramesh Kuriyal
3 Min Read

देहरादून। राजधानी में अवैध प्लाटिंग और बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण करने वालों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। नया हाईवे स्थित सुमेरू विहार के पास करीब 10 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। वहीं, देहरादून और ऋषिकेश में तीन अवैध निर्माणों को सील कर दिया गया।

एमडीडीए की इस कार्रवाई से भूमाफिया और नियमों की अनदेखी कर निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण और प्लाटिंग के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

10 बीघा में विकसित हो रही थी अवैध प्लाटिंग

एमडीडीए की सेक्टरवार प्रवर्तन टीमों को विभिन्न क्षेत्रों में अवैध निर्माण और प्लाटिंग की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जांच में शिकायतें सही पाए जाने के बाद बुधवार को चार स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की गई।

नया हाईवे स्थित सुमेरू विहार के निकट कुलदीप रावत द्वारा करीब 10 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग में बनाई गई सड़क, सीमांकन और अन्य विकास कार्यों को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया गया।

देहरादून और ऋषिकेश में तीन निर्माण सील

प्राधिकरण की टीम ने देहरादून के चुक्खुवाला क्षेत्र में पोस्ट ऑफिस के पीछे राजेश्वरी भट्ट द्वारा बिना अनुमति कराए जा रहे निर्माण को सील कर दिया।

इसके अलावा ऋषिकेश के हरिपुर कलां में भी दो स्थानों पर कार्रवाई की गई। आदित्य नाथ अखाड़े के सामने आदित्य मित्तल द्वारा कराए जा रहे निर्माण तथा गोडविन स्कूल के निकट धीरेन्द्र परिहार द्वारा किए जा रहे निर्माण को भी एमडीडीए ने सील कर दिया।

‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर कार्रवाई जारी

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है। बिना अनुमति निर्माण करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी भूखंड की खरीद से पहले उसकी वैधानिक स्थिति और स्वीकृतियों की पूरी जांच अवश्य कर लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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