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गाने के विवाद में बीटेक छात्र की पीट-पीटकर हत्या

Ramesh Kuriyal
4 Min Read

देहरादून। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बिहार के छात्रों के बीच गानों को लेकर शुरू हुआ विवाद आखिरकार एक छात्र की मौत पर खत्म हो गया। प्रेमनगर क्षेत्र में सोमवार रात बीटेक छात्र दिव्यांशु की बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी गई। घटना ने न केवल कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि समाज की संवेदनहीनता को भी उजागर कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, दिव्यांशु एक निजी विश्वविद्यालय में बीटेक कंप्यूटर साइंस द्वितीय वर्ष के छात्र थे और पौंदा स्थित हॉस्टल में अपने साथियों के साथ रहते थे। करीब दो महीने पहले विश्वविद्यालय गेट के बाहर कार में ‘छोरा जाट्टा’ गाना बजाने को लेकर दो छात्र गुटों के बीच विवाद शुरू हुआ था। बिहार के छात्रों के एक समूह ने इसे चुनौती के रूप में लिया, जिसके बाद कई बार झड़पें हुईं।

सोमवार को हुआ जानलेवा हमला
बताया जा रहा है कि आरोपी छात्र लंबे समय से दिव्यांशु और उसके दोस्तों की रेकी कर रहे थे। सोमवार रात जब दिव्यांशु प्रेमनगर बाजार में खाना खाने गया, तभी करीब 15 युवक वहां पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने पहले धमकाया और फिर विरोध करने पर लाठी-डंडों और फावड़े से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल दिव्यांशु को एक दंपत्ति अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

तमाशबीन बनी रही भीड़
घटना के दौरान हमलावर भरे बाजार में दिव्यांशु को पीटते रहे, लेकिन कोई भी उसे बचाने आगे नहीं आया। यह पहलू इंसानियत को शर्मसार करने वाला रहा।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
दिव्यांशु अपने माता-पिता के बड़े बेटे थे। उनके छोटे भाई ने हाल ही में 12वीं की परीक्षा दी है। परिवार को उम्मीद थी कि दिव्यांशु पढ़ाई पूरी कर नौकरी करेगा, लेकिन इस घटना ने उनके सपनों को तोड़ दिया।

पहले भी हो चुकी थीं घटनाएं
करीब 15 दिन पहले भी आरोपियों ने दिव्यांशु के एक साथी के साथ मारपीट की थी। उसके कपड़े फाड़ दिए गए थे और बाद में उसकी बाइक छीनकर तोड़ दी गई थी। आरोप है कि इस संबंध में पुलिस से शिकायत की गई थी, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

‘बिहार डिफॉल्टर’ नाम से चलता था गैंग
छात्रों के अनुसार, आरोपी खुद को ‘बिहार डिफॉल्टर’ नाम से पहचानते थे। इस समूह में अधिकतर बिहार के छात्र शामिल थे और उन पर कैंपस में दबंगई करने के आरोप हैं। घटना में कुछ बाहरी लोगों के शामिल होने की भी आशंका जताई जा रही है।

पुलिस की कार्रवाई तेज
घटना के बाद पुलिस ने क्षेत्र में सत्यापन अभियान चलाया। बिना सत्यापन छात्रों को रखने वाले आठ हॉस्टल संचालकों पर 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। 75 छात्रों से पूछताछ की गई और 52 वाहनों के चालान किए गए। साथ ही 24 लोगों पर पुलिस एक्ट में कार्रवाई हुई है।

एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में गुटबाजी करने वाले छात्रों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एम्बुलेंस भी बनी समस्या
घायल को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस रास्ते में ही खराब हो गई, जिसके बाद पुलिस वाहन से उसे अस्पताल पहुंचाया गया।

यह घटना न केवल कैंपस हिंसा की गंभीरता को दर्शाती है, बल्कि समय रहते कार्रवाई न होने के परिणामों की भी चेतावनी देती है।

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