देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम विभाग की ओर से जारी ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा दो दिनों के लिए स्थगित कर दी है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मंगलवार और बुधवार को यात्रा पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। मौसम सामान्य होने पर 30 जुलाई से यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।
गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप के निर्देशों के बाद यह फैसला लिया गया। इसके तहत केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब की यात्रा 29 जुलाई तक स्थगित रहेगी। हालांकि, यात्रा पर रोक लागू होने से पहले मंगलवार सुबह सोनप्रयाग से करीब 1,600 श्रद्धालुओं को केदारनाथ धाम के लिए रवाना किया गया।
बारिश के कारण कई यात्रा मार्गों पर भूस्खलन और सड़क क्षति की घटनाएं सामने आई हैं। जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर राम मंदिर के समीप नदी का जलस्तर बढ़ने से लगभग 25 से 30 मीटर मार्ग दो से ढाई मीटर तक धंस गया है। सुरक्षा के मद्देनजर इस हिस्से से यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है।
इसके अलावा पालीगाड़, सिलाई बैण्ड, झझर गाड़, जंगलचट्टी, दुर्बिल और बढ़िया क्षेत्रों में मलबा और पत्थर गिरने से यातायात भी प्रभावित रहा, जिससे यात्रा संचालन में दिक्कतें आईं।
गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मौसम विभाग के अलर्ट और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए एहतियातन यात्रा स्थगित की गई है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और मार्ग की ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि मौसम की स्थिति सामान्य रहती है, तो 30 जुलाई से चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा पुनः सुचारु रूप से संचालित की जाएगी।



