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हाईवे के लिए अधिग्रहित पंचायती शिव मंदिर की भूमि का मुआवजा अब तक लंबित

Sarthak Prayash Admin
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देहरादून। हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के दौरान मोहकमपुर स्थित प्राचीन पंचायती शिव मंदिर की अधिग्रहित भूमि और क्षतिग्रस्त मंदिर भवन के एवज में मुआवजा राशि जारी करने का मामला एक बार फिर उठाया गया है। मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए भूमि के वर्तमान बाजार मूल्य और निर्माण लागत के अनुसार धनराशि जारी करने की मांग को लेकर पंचायती शिव मंदिर सेवा समिति का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचा।

समिति के अध्यक्ष गोपाल सिंह वर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने बलबीर रोड स्थित एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय में उप महाप्रबंधक सरिता बुदियाल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय अधिकारी, उत्तराखंड के नाम संबोधित पत्र सौंपते हुए लंबित प्रकरण में जल्द कार्रवाई की मांग की।

समिति अध्यक्ष गोपाल सिंह वर्मा ने बताया कि करीब 10 वर्ष पूर्व हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के लिए मंदिर परिसर की भूमि का अधिग्रहण किया गया था। इस दौरान मंदिर भवन को भी आंशिक क्षति पहुंची थी। मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए नई जगह भूमि उपलब्ध कराने और निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि का प्रकरण लंबे समय से लंबित है।

उन्होंने कहा कि पंचायती शिव मंदिर मोहकमपुर आसपास की बड़ी आबादी की आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। मंदिर के पुनर्निर्माण में हो रही देरी से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समिति का कहना है कि आसपास की अधिग्रहित भूमि और भवनों के प्रभावित स्वामियों को मुआवजा मिल चुका है, जबकि मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए धनराशि अब तक जारी नहीं हुई है।

प्रतिनिधिमंडल ने एनएचएआई अधिकारियों से वर्तमान बाजार दर के अनुसार भूमि के मूल्य और मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए अनुमानित धनराशि जल्द जारी करने का अनुरोध किया।

उप महाप्रबंधक सरिता बुदियाल ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रकरण से संबंधित सभी तथ्यों से एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी, उत्तराखंड को अवगत कराया जाएगा और लंबित मामले में नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

प्रतिनिधिमंडल में समिति अध्यक्ष गोपाल सिंह वर्मा के अलावा कार्य संचालन समिति के सदस्य विक्रम सिंह रावत, नरेश चंद्र कुलाश्री, पं. राम भरोसा सेमवाल और विजय कुमार गुप्ता शामिल रहे।

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