नई टिहरी, 5 अगस्त। बोराड़ी स्टेडियम परिसर के बीच प्रस्तावित बैडमिंटन हॉल निर्माण को लेकर खिलाड़ियों और खेल संगठनों का विरोध तेज हो गया है। स्टेडियम बचाओ संघर्ष समिति, टिहरी के नेतृत्व में विभिन्न खेल संगठनों, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने बुधवार को जनता दरबार में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बैडमिंटन हॉल का निर्माण किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर कराने की मांग की।
समिति ने स्पष्ट किया कि उसका विरोध बैडमिंटन हॉल के निर्माण को लेकर नहीं, बल्कि खेल मैदान के बीच स्थायी भवन बनाए जाने को लेकर है। समिति के अनुसार बोराड़ी स्टेडियम अभी निर्धारित खेल मानकों के अनुरूप पूरी तरह विकसित नहीं हो पाया है। ऐसे में मैदान के भीतर निर्माण होने से फुटबॉल, क्रिकेट, हॉकी, एथलेटिक्स समेत अन्य खेलों के आयोजन और खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए उपलब्ध स्थान सीमित हो जाएगा।
संघर्ष समिति के सदस्य आशद आलम ने बताया कि जिला फुटबॉल संघ टिहरी, जिला वॉलीबॉल एसोसिएशन टिहरी गढ़वाल, जिला क्रिकेट एसोसिएशन टिहरी गढ़वाल, जिला बेसबॉल एसोसिएशन टिहरी गढ़वाल, मेजर ध्यानचंद हॉकी क्लब टिहरी और जिला सॉफ्टबॉल एसोसिएशन टिहरी गढ़वाल समेत कई सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों ने भी बैडमिंटन हॉल को वैकल्पिक स्थान पर बनाए जाने के समर्थन में लिखित सहमति दी है।
समिति का कहना है कि पुरानी टिहरी में बांध निर्माण से पहले खिलाड़ियों के लिए कई बड़े खेल मैदान उपलब्ध थे, लेकिन नई टिहरी में बोराड़ी स्टेडियम प्रमुख सार्वजनिक खेल मैदान के रूप में बचा है। इसकी उपयोगिता केवल खेल गतिविधियों तक सीमित नहीं है। आपदा के समय बड़े हेलीकॉप्टरों की लैंडिंग के लिए भी स्टेडियम को चिन्हित किया गया है। इसके अलावा लोकसभा, विधानसभा और पंचायत चुनावों के दौरान चुनाव सामग्री के वितरण सहित विभिन्न बड़े राजकीय, सांस्कृतिक और सार्वजनिक कार्यक्रम भी यहीं आयोजित होते हैं।
समिति ने आशंका जताई कि स्टेडियम के बीच स्थायी भवन बनने से इसकी बहुउद्देशीय उपयोगिता प्रभावित होगी और भविष्य में आपदा प्रबंधन, चुनावी व्यवस्थाओं तथा बड़े आयोजनों के दौरान व्यावहारिक दिक्कतें सामने आ सकती हैं।
समिति के अनुसार इस संबंध में जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी से वार्ता की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक आश्वासन नहीं मिला है। समिति ने प्रशासन से खिलाड़ियों, खेल संगठनों और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए बैडमिंटन हॉल के लिए वैकल्पिक स्थान चयनित करने तथा बोराड़ी स्टेडियम को उसके मूल स्वरूप में सुरक्षित रखने की मांग की है।
समिति ने चेतावनी दी कि यदि स्टेडियम के भीतर निर्माण कार्य जारी रखा गया और मांग की अनदेखी की गई तो खिलाड़ी, छात्र-छात्राएं, खेल प्रेमी और नागरिक शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
इस दौरान संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेंद्र, राजेश नेगी, गौरव, अनमोल, रजत पंत, दीपक रावत, राहुल कैंतुरा, अभिषेक रांगर, अर्जुन, दिव्यांशु समेत बड़ी संख्या में खिलाड़ी और खेल प्रेमी मौजूद रहे।



