ऋषिकेश: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह में एमडी मेडिसिन के छात्र डॉ. देबांग अग्रवाल को सात गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि पर उन्होंने कहा कि उन्हें एक गोल्ड मेडल मिलने की उम्मीद थी, लेकिन सात पुरस्कार मिलना उनके लिए पूरी तरह अप्रत्याशित रहा।
वर्ष 2001 में जयपुर में जन्मे डॉ. देबांग ने बताया कि कड़ी मेहनत और समर्पण के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने वर्ष 2019 में एम्स ऋषिकेश में एमबीबीएस के लिए प्रवेश लिया था। बचपन से ही उनका सपना डॉक्टर बनने का था।
उन्होंने बताया कि बचपन में उनकी कॉलोनी में एक डॉक्टर देबांग लोगों का इलाज करते थे, जिनसे प्रेरित होकर उन्होंने भी चिकित्सा क्षेत्र को अपना लक्ष्य बनाया। आज वही सपना साकार हुआ है। डॉ. देबांग अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं और भविष्य में मरीजों की सेवा को ही अपना मुख्य उद्देश्य मानते हैं।
दीक्षांत समारोह में उन्हें सी. पी. राधाकृष्णन द्वारा प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा गया। इनमें फर्स्ट पोजिशन के लिए गोल्ड मेडल, प्रो. अनिल गुलाटी गोल्ड मेडल, प्रो. रविकांत गोल्ड मेडल और प्रो. शशि प्रतीक गोल्ड मेडल शामिल हैं।
डॉ. देबांग ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि निरंतर मेहनत करते रहें और सेवा भाव को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।



