
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के आगामी बजट में चुनावी वर्ष की झलक साफ दिखाई देने की संभावना है। सरकार शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए बजट में विशेष प्रावधान करने की तैयारी में है।
गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी यानी ‘ज्ञान (GYAN)’ के बहुमुखी विकास को केंद्र में रखते हुए कई योजनाओं के लिए बड़ी धनराशि का प्रावधान किया जा सकता है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश का बजट आकार लगभग 1.10 लाख करोड़ रुपये रहने की संभावना है।
गैरसैंण में होगा विधानसभा का बजट सत्र
प्रदेश सरकार नौ मार्च से गैरसैंण में विधानसभा का बजट सत्र आयोजित करने जा रही है। इस सत्र में धामी सरकार अपना पांचवां बजट पेश करेगी। वर्ष 2022 में सत्ता संभालने के बाद चार वर्षों के कार्यकाल में सरकार ने प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं।
इस अवधि में सरकार ने मध्यम, लघु एवं सूक्ष्म उद्यमों (एमएसएमई) के साथ बड़े उद्योगों को भी राज्य में निवेश के लिए आकर्षित किया है। चार वर्षों में एमएसएमई इकाइयों की संख्या में 19,596 की बढ़ोतरी हुई है, जबकि इस क्षेत्र में पूंजी निवेश में 2,296 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा राज्य में 21 नए बड़े उद्योग भी स्थापित हुए हैं।
सड़कों, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी बहुआयामी विकास के प्रयास किए गए हैं। सरकार ने एक ओर राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने पर काम किया है तो दूसरी ओर वित्तीय अनुशासन बनाए रखने में भी सफलता हासिल की है।
शहरी सुविधाओं पर विशेष फोकस
वित्तीय वर्ष 2026-27 चुनौतियों से भरा रहने वाला माना जा रहा है। सरकार शहरी और ग्रामीण मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए ढांचागत विकास पर जोर दे रही है। केवल शहरी सुविधाओं के विकास के लिए ही लगभग 1,500 करोड़ रुपये की आवश्यकता बताई जा रही है।
इस धनराशि से नए शहरों के विकास, अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों में जन सुविधाओं के विस्तार और नगरीय निकायों की स्थिति में सुधार की दिशा में काम किया जाएगा।
पर्यटन परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए सरकार गंगा कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर और मानसखंड मंदिर माला मिशन जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को आगे बढ़ा रही है। नए बजट में इन परियोजनाओं के लिए भी धनराशि का प्रावधान किया जाएगा।
इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा पेंशन का दायरा बढ़ाने की तैयारी भी की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सके।





