पलायन आयोग का पलायन, बना मजाक

Ramesh Kuriyal
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डी अस कलेठा

उत्तराखंड पलायन आयोग उत्तराखंड वासियों के लिए एक मजाक के तरह बनाए गए हैं आज भी लोग बीमार होने व गर्भवती महिलाओं को सड़क तक पहुंचाने के लिए 7 से लेकर 10 घंटे का सफर तय करना पड़ता है इसी प्रकार जल मिशन भी एक मजाक की तरह बनाया गया है पानी की कोई व्यवस्था गांव में नहीं है जैसे 10 साल पहले थे आज भी वही स्थिति है जब तक प्रत्येक गांव में सड़क व पानी की व्यवस्था नहीं हो जाती है तब तक विकास होना असंभव है माननीय विधायक गण मंत्री जी केवल घोषणा करते हैं और ग्राम वासियों को बेवकूफ बनाते रहते हैं ग्राम पंचायत थाती डागर की स्थिति बहुत ही दयनीय है ग्राम पंचायत थाती डागर में दो स्वतंत्रता संग्राम सेनानी तथा 1 ग्राम पंचायत रैतासी मे थे तीनों की मृत्यु हो चुकी है किंतु आज तक उनके नाम से ना तो कोई सड़क है ना कोई विद्यालय है और ना ही कोई अन्य जबकि इस संबंध में मैं गत कई वर्षों से लगातार माननीय विधायक एवं मान्य मुख्यमंत्री से अनुरोध कर चुका हूं किंतु शासन इस वजह से नहीं कर रहे हैं कि यह डागर के लोग हैं

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