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तमाम कोशिशों के बाद भी जीतेंद्र को नहीं बचाया जा सका

Ramesh Kuriyal
3 Min Read

देहरादून। तमाम कोशिशों के बाद भी बत्तीस साल के जीतेंद्र कुड़ियाल पुत्र स्वर्गीय सूरत राम कुड़ियाल नोकुडा शुक्री टिहरी गढ़वाल हाल निवास छिद्दरवाला देहरादून को  मौत के मुंह से नहीं बचाया जा सका। जीतेंद्र कीमौत सरकार के उन दावों की भी पोल चाोलता है, जिसमें कहा जाता है कि राज्य में आईसीयू बेड की कमी नहीं है। उसेऋषिकेश से लेकर देहरादून के कई अस्पतालों में इसलिए तत्काल इलाज नहीं मिल स, क्योंकि वहां आईसीयू बेड नहीं थे। जब तक उसे सीएमआई पहुंचाया गया तब तक दुर्घटना के तीस से अधिकघंटे होचुके थे। वहां प्रसिद्ध न्यूरो सर्जन डाक्टरमहेश कुड़ियाल ने तत्काल उसका ऑपरेशन करने की जो संवेदनशीलता दिखाई, उसके लिए जीतेंद्र के न रहने केबावजूद उसके तमाम रिश्तsदार डाक्टर कुड़ियाल के आगे नतमस्तक है।

28 सितंबर को जीतेंद्र काछिद्दरवाला में तब एक्सीडेंट होगया था,जब वह सड़क किनारे सामन उठाने के लिए झुका था।उसेतब पहलेऋषिकेशसरकारी अस्पताल,फिर एम्स,हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट ले जायागया,लेकिन कहीं भर्ती नहीं हो पाया। बाद में दूहरादून के पारस अस्पताल में भर्ती कियागया। पारस से भी फिर सीएमआई अस्पताल में भर्ती कियागया। तब तक एक्सीडेंट हुए तीस से अधिक कघंटेबीत चुके थे। लगभग नाउम्मीद के बीच डाक्टर महेश कुड़ियाल ने उसकासफल आपरेशन किया। लेकिन बहुत देर होजाने सेउसेबचाया नहीं जा सका।डाक्टर महेश कुड़ियाल ने उसे बचाने के लिएजिस तरह के प्रयास किए वह सराहनीय है।

जब अस्पताल मरीजों के तीमारदारों से पेमेंट को लेकर कोई संजीदगी नहीं दिखाते,वहीं डाक्टर महेश कुड़ियाल ने इंसानियत का परिचय देते हुए पेमेंट के लिए भारी उदारता दिखाई। वह स्वयं भी बहुत दुखी दिखे कि उन तक मरीज के आने में बहुत देर होने से वह उसे नहीं बचा सके।जीमेंद्र के रिश्तेदारों और कुछ सामाजिक संगठनों ने उसके दाह संस्कार का प्रबंध किया। परिवार को भी कुछआिर्थक मदद भी की। इधर जीतेंद्र की मौत से उसकी पत्नी लक्ष्मी को बहरासदमा लगा है। लोगों ने उसे ऋषिकेश के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसके स्वास्थ्य में सुधार है। घर में मां के रो-रोकर बुरे हाल हैं। अब घर की माली स्थिति और खराब हो गई है। सार्थक प्रयास की अपील है कि दुख के इस दौर में इस परिवारकी मदद के लिए आगे आएं।

परिजनों की ओर से एक्सीडेंट करने वाले युवकों के विरुद्ध तहरीर देने के बाद भी रायवाला पुलिस की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि आरोपियों के नाम और मोबाइल नंबर भी पुलिस को दिए गए हैं।

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