
लक्ष्मण झूला रोड स्थित गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब परिसर में कर्मचारी की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कंवर अमन्निदर सिंह की अदालत ने आरोपी लक्की (निवासी शीशम झाड़ी) को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर चार माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
घटना 6 फरवरी 2023 की है, जब गुरुद्वारे के मुख्य गेट पर तैनात कर्मचारी कपिल शाह पर आरोपी ने पेचकस से कई वार कर दिए थे। गंभीर रूप से घायल कपिल शाह को पहले सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर उन्हें एम्स रेफर किया गया। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
हमले के बाद गुरुद्वारा कर्मचारियों ने आरोपी को मौके पर ही पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। मामले में सहायक प्रबंधक मंजीत सिंह की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने 1 मई 2023 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने विवेचक सहित कुल 12 गवाह पेश किए। 25 फरवरी को दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने 16 मार्च को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे बाद में सुनाया गया।
CCTV फुटेज और डॉक्टर की गवाही बनी निर्णायक
मामले में सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम करने वाली चिकित्सक डॉ. आरुषी वर्मा की गवाही अहम साबित हुई। बचाव पक्ष ने दलील दी थी कि मृतक किसी नुकीले हथियार से नहीं बल्कि रेलिंग पर गिरने से घायल हुआ था। हालांकि, डॉक्टर ने इस तर्क को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि शरीर पर लगी चोटें किसी नुकीली वस्तु से ही संभव हैं, गिरने से नहीं।
वहीं, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर विवेचक ने अदालत को बताया कि मृतक रेलिंग पर नहीं बल्कि नाली के ऊपर लगे समतल लोहे के जाले पर गिरा था, जिससे इस तरह की चोटें आना संभव नहीं है।
इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सख्त सजा सुनाई।



