लखनऊ, 19 अगस्त 2026। विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर लखनऊ मेट्रो में विशेष फोटोग्राफी प्रदर्शनी एवं मेट्रो ट्रेन के भीतर फोटोवॉक का आयोजन किया गया। हजरतगंज मेट्रो स्टेशन पर आयोजित दो दिवसीय फोटोग्राफी प्रदर्शनी का उद्घाटन वरिष्ठ छायाचित्रकार अनिल रिसाल सिंह एवं यूपी मेट्रो के जनसंपर्क विभाग के जॉइंट जनरल मैनेजर पंचानन मिश्रा ने किया। प्रदर्शनी में अनिल रिसाल सिंह, अजैश जायसवाल, गिरीश पांडेय, ज्योतिर्मय यादव, कुंवर जी, प्रखर कृष्ण, पुनीत कात्यायन, वेदांत, यश पाल, लोकेश कुमार रस्तोगी एवं हर्षित सिंह के कुल 20 फोटोग्राफ प्रदर्शित किए गए।
पंचानन मिश्रा ने कहा कि लखनऊ मेट्रो कला एवं रचनात्मक गतिविधियों को सदैव प्रोत्साहित करती रही है और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के लिए सहयोग जारी रहेगा। उन्होंने विश्व फोटोग्राफी दिवस पर आयोजित इस पहल को लखनऊ की कला, संस्कृति एवं दृश्य विरासत को सामने लाने की दिशा में सराहनीय कदम बताया। वरिष्ठ छायाचित्रकार अनिल रिसाल सिंह ने भी आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम फोटोग्राफी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ शहर को देखने की नई दृष्टि प्रदान करते हैं।
इस अभिनव आयोजन का क्यूरेशन चित्रकार एवं कला समीक्षक भूपेंद्र कुमार अस्थाना ने किया। उन्होंने कहा कि फोटोग्राफी केवल किसी क्षण को कैमरे में रोक लेने की कला नहीं, बल्कि उस क्षण में छिपी कहानी, संवेदना, प्रकाश, गति और समय को देखने की संवेदनशील दृष्टि है। इसी विचार के साथ लखनऊ मेट्रो को एक जीवंत फोटो कैनवास के रूप में प्रस्तुत किया गया।
मेट्रो फोटोवॉक में अभिजीत रॉय, अमित कुमार, आनंदमोय चटर्जी, अनिल रिसाल सिंह, अंजलि मिश्रा, अरेज़ मुजीब किदवई, अरसलान अली, भूपेंद्र कुमार पाल, बिंदु अरोड़ा, दिनेश आर्य, ज्ञान शुक्ला, गिरीश पांडेया, हर्षित कुमार मद्धेशिया, हर्षित सिंह, हृद्यांश श्रीवास्तव, हिमांशु कुमार, कुंवर जी, प्रिया शर्मा, राम, शिवांश राव, शेफाली सोनी, सौम्या गुप्ता, यश पाल, यश राय, यशवी सिन्हा, आकाश, विकास गौतम, रत्नेश पवन, राज कुमार हर्ष, इशु यादव, उमंग गुप्ता, मानन महेश्वरी तथा पवन कुमार यादव ने भाग लिया। युवा फोटोग्राफर कुंवर जी ने फोटोवॉक मेंटर के रूप में प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
फोटोवॉक के दौरान प्रतिभागियों ने मेट्रो ट्रेन के भीतर तथा विभिन्न मेट्रो स्टेशनों पर मेट्रो की गति, यात्रियों की सहज गतिविधियों, वास्तुकला, प्रकाश एवं छाया, प्लेटफॉर्म, कॉरिडोर और बदलते शहरी दृश्यों को अपने कैमरों में कैद किया। आयोजन की तैयारियों के क्रम में क्यूरेटर भूपेंद्र कुमार अस्थाना, फोटोग्राफर कुंवर जी एवं लखनऊ मेट्रो के फोटोग्राफर सौरभ ने मुंशी पुलिया से चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तक विभिन्न स्टेशनों एवं संभावित फोटोग्राफी स्पॉट्स का सर्वे भी किया। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
फोटोवॉक के दौरान प्रतिभागियों द्वारा क्लिक किए गए चयनित चित्रों को लखनऊ मेट्रो के स्थापना दिवस के अवसर पर विशेष फोटोग्राफी प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से विश्व फोटोग्राफी दिवस से शुरू हुई रचनात्मक यात्रा को आगे बढ़ाते हुए लखनऊ मेट्रो, शहर के जीवन, संस्कृति और दृश्य स्मृति को फोटोग्राफी के माध्यम से दस्तावेजित किया जाएगा।
आयोजन का मूल संदेश रहा— “जहां जीवन है, वहीं कला है; जहां गति है, वहीं फ्रेम है; और जहां संवेदनशील दृष्टि है, वहीं फोटोग्राफी का जन्म होता है।”



