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माफिया संस्कृति विरोधी जन अभियान 

Ramesh Kuriyal
2 Min Read
अल्मोडा। उत्तराखंड में भू माफियाओं की बढ़ती गतिविधियों ने इस शांत हिमालयी राज्य को अपराध, अराजकता, लूट खसोट और अय्याशी के केंद्र में बदल दिया है। सत्ता के संरक्षण में कथित स्कूलों, सामाजिक संस्थाओं के नाम पर विकसित हो रहे इन अड्डों का एक उदाहरण डांडाकांडा (हवालबाग) में प्लीजेंट वैली फाउंडेशन है। जहां करीब डेढ़ दशक से गुंडागर्दी व मनमानी का नंगा नाच चल रहा है पर सरकारें इस मामले में ख़ामोश है।
उत्तराखंड में चल रहे इस तरह के अड्डों के कारण ही अंकिता जैसे कांड हो रहे हैं। राज्य बनने के पिछले 22 वर्षों में उत्तराखंड के प्राकृतिक संसाधनों, जमीनों पर इन माफियाओं का कब्ज़ा हो चुका है जिसके खिलाफ़ उत्तराखंड में सशक्त भू कानून का शोर उठ रहा है।
राज्य पर लगातार बढ़ रहे माफियाराज के इस खतरे के ख़िलाफ़ माफिया संस्कृति विरोधी जन अभियान शुरू किया जा रहा है। इसी क्रम में 19 अक्टूबर 2022 को नगर पालिका सभागार अल्मोड़ा में दोपहर 2 बजे से इस संगोष्ठी/ बैठक आयोजित की जा रही है। सामाजिक राजनीतिक छात्र युवा व्यापारी कर्मचारी महिला संगठनों से इस बैठक में शामिल होकर माफियाओं की गतिविधियों को समझने व उसके खिलाफ प्रखर जनविरोध विकसित करने पर विचार करेंगे। कृपया मित्रों सहित बैठक में शामिल होने का कष्ट करें।
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