उत्तरकाशी। चारधाम यात्रा की पावन परंपरा के तहत मां गंगा की उत्सव डोली शनिवार को उनके शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा से गंगोत्री धाम के लिए विधि-विधान के साथ रवाना हो गई। इस दौरान पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा और श्रद्धालु जयकारों के साथ डोली को विदाई देते नजर आए।
डोली प्रस्थान से पहले मुखवा गांव में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की गई। ढोल-दमाऊं और अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, तीर्थ पुरोहित और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।
अब गंगोत्री धाम के कपाट रविवार को निर्धारित शुभ मुहूर्त में विधिवत पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खोले जाएंगे। कपाट खुलते ही देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू हो जाएंगे।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि चारधाम यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। यातायात नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो।


