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पीडब्ल्यूडी की तबादला सूची में फिर शामिल हुआ दिवंगत कर्मचारी का नाम, दूसरी बार सामने आई बड़ी लापरवाही

Ramesh Kuriyal
3 Min Read

देहरादून। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। विभाग की ओर से 1 जुलाई को जारी स्थानांतरण सूची में एक ऐसे कनिष्ठ सहायक का नाम शामिल कर दिया गया, जिनका निधन 28 अप्रैल 2024 को हो चुका है। हैरानी की बात यह है कि दिवंगत कर्मचारी का नाम लगातार दूसरे वर्ष तबादला सूची में शामिल किया गया है।

जारी स्थानांतरण सूची के क्रमांक-37 में कनिष्ठ सहायक सुरेंद्र सिंह का तबादला निर्माण खंड, थराली से प्रांतीय खंड, रुद्रपुर दर्शाया गया है। जबकि उनके निधन के बाद उनकी पत्नी को मृतक आश्रित के रूप में निर्माण खंड, गैरसैंण में नियुक्ति भी दी जा चुकी है।

जानकारी के अनुसार, संबंधित कार्यालय ने सुरेंद्र सिंह के निधन की सूचना विभागाध्यक्ष कार्यालय को तीन बार लिखित रूप से भेजी थी। इसके अलावा कई बार मौखिक रूप से भी अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद विभागीय अभिलेख अद्यतन नहीं किए गए। ऐसे में लगातार दूसरी बार दिवंगत कर्मचारी का नाम तबादला सूची में शामिल होना विभागीय रिकॉर्ड प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

इससे पहले वर्ष 2025 की स्थानांतरण सूची में भी सुरेंद्र सिंह का स्थानांतरण थराली से हल्द्वानी दर्शाया गया था। अब लगातार दूसरे वर्ष भी वही गलती दोहराए जाने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

एसोसिएशन ने जताई नाराजगी

उत्तरांचल लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन के प्रांतीय महामंत्री आनंद सिंह पुजारी ने इस मामले को अधिकारियों और कर्मचारियों की घोर लापरवाही का उदाहरण बताया है। उन्होंने कहा कि कई बार सूचना देने के बावजूद दिवंगत कर्मचारी का नाम तबादला सूची में शामिल होना विभाग की गंभीर विफलता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग सेवा अभिलेखों को सही तरीके से अद्यतन नहीं रख पा रहा है, जिससे स्थानांतरण प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। एसोसिएशन ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। साथ ही भविष्य में ऐसी लापरवाही रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।

विभाग का पक्ष

इस मामले में पीडब्ल्यूडी के एसओडी आर.सी. शर्मा ने कहा, “मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। डिवीजनों से एचआरएम के माध्यम से कर्मचारियों की जानकारी हमारे पास आती है। यदि किसी कारणवश कोई त्रुटि रह गई है तो उसे संशोधित करा दिया जाएगा।”

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